Pakur Sahibganj railway transport: पाकुड़-साहेबगंज में पत्थर, कोयले की रेलवे ढुलाई बंद, यात्री सुविधाओं की मांग पर आंदोलन तेज, रेलवे को 10 करोड़ का नुकसान

Juli Gupta
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Pakur Sahibganj railway transport:

पाकुड़। पाकुड़ और साहेबगंज जिलों में रेल यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। शनिवार, 24 जनवरी को रेलवे से कोयले की ढुलाई पूरी तरह बंद कर दी गई। इससे पहले, 16 जनवरी से रेलवे रैक में पत्थर की लोडिंग अनिश्चितकाल के लिए बंद थी। इस कारण रेलवे को प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।

आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों में पटना और दिल्ली के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करना, कोविड काल में बंद की गई एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों को फिर से चलाना, यात्री सुविधाओं में वृद्धि करना और पाकुड़ रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों को 18 मिनट का ठहराव देना शामिल है।

झामुमो कर रहा आंदोलन का समर्थनः

पत्थर व्यवसायियों द्वारा शुरू किए गए इस अनिश्चितकालीन बंद का समर्थन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने किया है। बीते 20 जनवरी को एक बैठक में झामुमो के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा के आह्वान पर लिट्टीपाड़ा विधानसभा के विधायक हेमलाल मुर्मू ने घोषणा की थी कि 24 जनवरी से पत्थर के साथ कोयले की ढुलाई भी रेलवे रैक में बंद कर दी जाएगी।

कोयले की ढुलाई बाधितः

इसी घोषणा के तहत शनिवार को रेलवे रैक में कोयले की ढुलाई बाधित हुई। लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने स्पष्ट किया कि रेलवे को हर हाल में उनकी मांगों को पूरा करना होगा। उन्होंने कहा कि आज से कोयले की ढुलाई भी बाधित कर दी गई है।

सड़क मार्ग से जारी रहेगी ढुलाईः

विधायक ने यह भी बताया कि स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए डंपरों के माध्यम से पाकुड़ तक कोयले की आपूर्ति जारी रहेगी, लेकिन रेल मार्ग से कोयले की ढुलाई पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। रेलवे की कथित उपेक्षा को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है, और पत्थर व्यवसायी लगातार आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं।

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