संथाल परगना के आदिवासियों को संरक्षित करने के लिए आयोग बनेगा : निशिकांत दुबे [A commission will be formed to protect the tribals of Santhal Pargana: Nishikant Dubey]

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देवघर। झारखंड विधानसभा चुनाव में बीजेपी के मेनिफेस्टो की गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे ने विस्तृत जानकारी दी। विलियम्स टाउन स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में निशिकांत ने कहा कि संथाल परगना में आदिवासियों की संख्या 45 प्रतिशत से घटकर 25 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

वहीं, बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या 9 प्रतिशत से बढ़कर 25 प्रतिशत हो गई है। भाजपा के मेनिफेस्टो में इस बात का उल्लेख किया गया है कि एक आयोग बनाकर बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित किया जाए और उन्हें वापस बांग्लादेश भेजना को लेकर पहल हो।

एनआरसी लागू कर रोकेंगे डेमोग्राफी में बदलावः

आदिवासी लड़कियों से बांग्लादेशी घुसपैठिया शादी कर रहे हैं, लेकिन उनके बच्चे को आदिवासी का दर्जा कैसे मिलेगा। आदिवासियों की जमीन पर बांग्लादेशी घुसपैठियों का कब्जा हो गया है।

आदिवासियों की जमीन को वापस दिलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपने मेनिफेस्टो में इसे शामिल किया है। साथ ही झारखंड में एनआरसी लागू हो, ताकि यहां की डेमोग्राफी बदले नहीं।

आदिवासी शहीदों के लिए बनेगा म्यूजियम व रिसर्च सेंटरः

निशिकांत दुबे ने कहा कि अगर राज्य में हमारी सरकार बनती है तो गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज खुलेगा।

सांसद ने आरोप लगाया कि भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानू के इतिहास को झामुमो बदलने का प्रयास कर रही है। शिबू सोरेन को भगवान बिरसा मुंडा और तिलकामांझी के समकक्ष लाकर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है।

शिबू सोरेन को मॉडर्न युग का भगवान बताया जा रहा है, लेकिन भाजपा आदिवासी शहीदों के इतिहास को मिटने नहीं देगी और दुमका में 5 करोड़ की लागत से आदिवासी शहीदों को लेकर एक म्यूजियम और रिसर्च सेंटर बनेगा। ताकि आने वाली पीढ़ी सिदो-कान्हू चांद-भैरव, फूलो-झानू के इतिहास को जान सके।

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