Municipal elections in Jharkhand:
रांची। झारखंड में नगर निकायों के चुनाव बैलेट पेपर से कराये जायेंगे। ईवीएम की अनुपलब्धता के कारण राज्य निर्वाचन आयोग ने बैलेट पेपर से ही चुनाव कराने का फैसला किया है।
निकाय व पंचायत चुनाव के लिए नहीं मिल रहे ईवीएमः
निर्वाचन आयोग ने राज्य सरकारों को पंचायत या निकाय चुनावों के लिए ईवीएम देना लगभग दो साल पहले ही बंद कर दिया है। पहले निर्वाचन आयोग चुनाव में ईवीएम(एम-टू) मशीन का उपयोग करता था। अब यह मशीन आउट डेटेड हो गया है। निर्वाचन आयोग अब ईवीएम(एम-थ्री) मशीन का उपयोग कर रहा है। लेकिन, आयोग ने इस मशीन को किसी राज्य सरकार को लोन (उधार) पर देना बंद कर दिया है।
इसी कारण राज्य सरकारें अब निकाय या पंचायत चुनावों के लिए खुद मशीन खरीद रही हैं या फिर एक राज्य दूसरे राज्य से उधार पर मशीन लेकर चुनाव करा रहे हैं। झारखंड सरकार ने भी मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से ईवीएम देने का आग्रह किया था। लेकिन, मध्य प्रदेश सरकार ने ईवीएम देने से इंकार कर दिया। दूसरी ओर राज्य की माली हालत खास्ता होने के कारण, सरकार फिलहाल अपने लिए ईवीएम मशीन खरीदने की स्थिति में नहीं है। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग बैलेट पेपर से ही चुनाव कराने का सैद्धांतिक फैसला लिया है।
यह इंडी गठबंधन के दलों की मांग के अनुरूप भी होगा। इंडी गठबंधन लगातार ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत करता रहा है। हाल में संपन्न बिहार विधानसभा चुनाव में भी यह आरोप लगाया गया है।
जनवरी के बाद हो सकते हैं चुनावः
राज्य में युद्ध स्तर पर निकाय चुनाव की तैयारी के बावजूद जनवरी के बाद ही नगर निकायों के चुनाव की संभावना है। इसीलिए राज्य सरकार हाईकोर्ट से तीन माह का समय भी मांग रही है। सरकार को पूरी उम्मीद है कि अगली सुनवाई में तीन माह का समय भी मिल जाएगा।

