Night noise pollution rules India: रात में तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर रोक, स्वच्छता का पालन भी जरूरी, हाईकोर्ट ने पूजा को लेकर दिये कड़े निर्देश

Anjali Kumari
3 Min Read

Night noise pollution rules India:

रांची। झारखंड हाईकोर्ट में जिला स्कूल मैदान में दुर्गापूजा की अनुमति दिए जाने के मामले में स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन को पूजा के दौरान व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि पूजा समितियों और प्रशासन को अदालत द्वारा पूर्व में दिए गए सभी निर्देशों का पालन करना होगा। यह निर्देश रांची सहित पूरे राज्य में लागू होगा।

सभी डीसी और एसपी के लिए निर्देशः

अदालत ने सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को पूजा पंडाल में सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि रात के समय निर्धारित मापदंड से तेज आवाज में लाउडस्पीकर न बजाएं, ताकि ध्वनि प्रदूषण न हो। सभी पूजा पंडालों में स्वच्छता का पालन किया जाना चाहिए।

राज्य सरकार ने किया शपथ पत्र दाखिलः

इससे पहले सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शपथपत्र दाखिल कर कहा गया कि पूजा समाप्त होने के बाद मैदान को पहले जैसा खेल योग्य बना दिया जाएगा। आग से सुरक्षा के लिए 20 अग्निशामक यंत्र लगाए जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए 50 निजी सुरक्षाकर्मी और 100 स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश व निकास मार्ग होंगे, साथ ही आपात स्थिति के लिए अलग निकास द्वार बनाया जाएगा। स्वच्छता के लिए 20 कर्मी और 40 डस्टबिन की व्यवस्था रहेगी तथा प्रतिदिन तीन शिफ्ट में सफाई होगी। स्कूल के समय और रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होगा। इसके बाद अदालत ने पूर्व में दिए आदेश का पालन करने का निर्देश दिया।

पूजा पंडालों में इन नियमों का करना होगा पालनः

• पूजा पंडालों में नायलॉन और सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग न करें।
• पंडाल से बिजली के तार को दूर रखें। खुले तार कहीं नहीं छोड़ें।
• पंडाल के अंदर और बाहर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र रखें। पानी और बालू भी रखें।
• सभी पूजा पंडालों में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करें।
• श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरा व पुलिसकर्मी तैनात करें।
• आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को बाहर निकालने के लिए अलग निकास द्वार बनाएं।
• सभी फूड स्टॉल को पंडाल से दूर रखें और वहां सफाई सुनिश्चित करें।
• पूजा पंडालों और वहां तक के पहुंचने वाले रास्तों को दुरूस्त करें। लाइट की व्यवस्था करें।
• सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों को चिन्हित करके कार्रवाई करें।

इसे भी पढ़ें

Ranchi Durga Puja Pandal 2025: रांची में कहां, किस थीम पर बन रहे भव्य दुर्गा पूजा पंडाल


Share This Article
कोई टिप्पणी नहीं