रांची। झारखंड के लाखों बच्चे अधिकारियों की लापरवाही के कारण छात्रवृत्ति से वंचित हो सकते हैं। खास तौर पर राज्य के दस जिलों के बच्चे छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे।
पोस्ट मैट्रिक के इन विद्यार्थियों का अब तक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन भरा नहीं जा सका है। जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 फरवरी निर्धारित है।
अधिकारियों की लापरवाही के कारण पोस्ट मैट्रिक वाले सरकारी एवं गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं की विवरणी ई-कल्याण पोर्टल पर एंट्री नहीं की गई है।
इससे इन विद्यार्थियों पर छात्रवृत्ति से वंचित रह जाने का खतरा मंडराने लगा है। क्योंकि ये विद्यार्थी ऑनलाइन आवेदन करने से वंचित हैं।
कहा जा रहा है कि अधिकारियों की शिथिलता के कारण यह परिस्थिति उत्पन्न हुई है।
जिन जिलों के बच्चे पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से वंचित होने वाले हैं, उनमें चतरा, बोकारो, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, लातेहार, पाकुड़, पलामू एवं रामगढ़ शामिल हैं।
वहीं, शैक्षणिक संस्थानों के पंजीकरण के लिए 20 दिसंबर 2023 से लेकर 10 जनवरी 2024 तक निर्धारित थी, लेकिन चतरा में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए किसी भी शैक्षणिक संस्थान का पंजीकरण नहीं हुआ।
पंजीकरण का दायित्व जिला कल्याण पदाधिकारी का है। ऐसे में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यक तथा पिछड़ी जाति के पोस्ट मैट्रिक के छात्र-छात्राएं छात्रवृत्ति से वंचित रह जाएंगे।
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