KCC Loan Update:
रांची। झारखंड में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है कि बिना भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र यानी LPC के किसानों को अब दो लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध कराया जाए। फिलहाल यह सीमा सिर्फ एक लाख रुपये है। समिति का कहना है कि इससे कृषि ऋण अधिक किसानों तक पहुंच सकेगा, खासकर उन किसानों तक जिनके पास पूरी जमीन का कागज या स्वामित्व प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है।
वर्तमान व्यवस्था के तहत KCC:
वर्तमान व्यवस्था के तहत KCC के माध्यम से झारखंड के किसान खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के लिए बिना गारंटी एक लाख रुपये तक ऋण प्राप्त कर सकते हैं। एक लाख रुपये से अधिक और 1.60 लाख रुपये तक के लोन के लिए भूमि स्वामित्व प्रमाणपत्र अनिवार्य है। राज्य के कई किसान इस दस्तावेज के अभाव में बैंक ऋण से वंचित रह जाते हैं, जिससे उन्हें साहूकारों के कर्ज और ऊंची ब्याज दरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
SLBC की 93वीं बैठक में महाप्रबंधक गुरु प्रसाद गोंड ने बताया कि राज्य में बड़ी संख्या छोटे और सीमांत किसानों की है जो खेती तो कर रहे हैं, लेकिन भूमि दस्तावेज अधूरे हैं। बैंक समिति का तर्क है कि ऐसे किसानों को आसान लोन उपलब्ध कराना कृषि आय बढ़ाने और वित्तीय समावेशन के लिए अत्यंत आवश्यक है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि दो लाख रुपये तक के किसान क्रेडिट कार्ड लोन पर किसी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस नहीं ली जाएगी, जबकि समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को पहले की तरह ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार:
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को महंगे कर्ज और बिचौलियों की प्रणाली पर निर्भर होने से मुक्त करना है। समय पर ऋण उपलब्ध होने से किसान बेहतर बीज, कृषि उपकरण और अन्य संसाधन खरीद सकेंगे, जिससे उत्पादन और आय दोनों बढ़ने की संभावना है। यह प्रस्ताव अब राज्य सरकार और वित्तीय संस्थानों की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो झारखंड के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और कृषि क्षेत्र में वित्तीय पहुंच और मजबूत होगी।
