Kairav Gandhi kidnapping
जमशेदपुर। कारोबारी देवांग गांधी के बेटे कैरव गांधी का 13 जनवरी को अपहरण होने के सात दिन बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई है। अपहरणकर्ताओं ने परिवार से 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की है।
घर से 100 मीटर दूर सफेद स्कार्पियो में बैठे थे अपराधी
पुलिस के अनुसार, कैरव घर से केवल 100 मीटर दूर सफेद स्कार्पियो में बैठे अपराधियों द्वारा अपहरण कर लिया गया। स्कार्पियो पर फर्जी नंबर प्लेट और पुलिस का सायरन लगाया गया था, जिससे किसी को आपराधिक गतिविधि का अंदेशा न हो। अपहरण के दौरान कैरव को डराकर उसका मोबाइल भी छीन लिया गया। कैरव को जबरन स्कार्पियो में बैठाकर कांदरबेड़ा के सुनसान इलाके ले जाया गया, जबकि उसकी क्रेटा कार वहीं छोड़ दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए अपहरण की ट्रैकिंग शुरू की, लेकिन अपराधियों की पहचान अब तक नहीं हो सकी।
अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस की छापेमारी जारी
सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में एसआइटी का गठन किया है, जिसमें एटीएस और सीआइडी के अफसर भी शामिल हैं। टीम बिहार, पश्चिम बंगाल और गुजरात में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही है। हाजीपुर से चंदन सोनार गिरोह के दो सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
डीजीपी तदाशा मिश्रा पूरे अभियान की निगरानी कर रही
पुलिस और परिवार दोनों ही कैरव की सुरक्षित बरामदगी की उम्मीद कर रहे हैं। डीजीपी तदाशा मिश्रा पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं। इस मामले ने झारखंड में अपहरण और फिरौती जैसी संगठित अपराध गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
