रांची : झारखंड सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
एसआइटी को पता चला है कि इस परीक्षा के लिए छह अभ्यर्थियों से डीलिंग हुई थी और 27-30 लाख रुपये में सौदा हुआ था।
मामले में गिरफ्तार झारखंड विधानसभा के अवर सचिव मोहम्मद शमीम और उसके दोनों बेटों शहजादा और शाहनवाज को सोमवार को रांची सिविल कोर्ट में पेशी के बाद 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
तीनों को नगड़ी थाना क्षेत्र से रविवार को गिरफ्तार किया गया था। मामले में बिहार विधानसभा के मार्शल मोहम्मद रिजवान की भी संलिप्तता सामने आयी है।
वह गिरफ्तार अवर सचिव का दामाद है। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसआइटी ने पटना के अनीसाबाद स्थित उसके घर में छापा मारा तो वह फरार मिला।
पहले इंकार फिर बाद में स्वीकार किया
पुलिस के अनुसार पहले पेपर लीक मामले में अपनी संलिप्तता से गिरफ्तार अवर सचिव मोहम्मद शमीम ने इंकार किया। पर बाद में जब पुलिस ने सबूत पेश किए तो उसने कई जानकारियां पुलिस को दी।
शमीम ने बताया कि छह अभ्यर्थियों से डीलिंग हुई थी। 27 से 30 लाख में सौदा हुआ था। दो अभ्यर्थियों की परीक्षा 28 को हुई थी। परीक्षा से दो दिन पहले ही दोनों को पटना भेज दिया गया था।
पटना में शमीम के दामाद रिजवान ने उनके रहने की व्यवस्था की थी। दोनों को परीक्षा के पहले ही उत्तर याद करा दिया गया था। इसके बाद उन्हें सेंटर तक छोड़ा गया था।
एक अभ्यर्थी का सेंटर धनबाद और दूसरे का रांची में था।आरोपी ने दोनों अभ्यर्थियों का नाम और पता भी पुलिस को बता दिया है। ऐसे में उनकी तलाश की जा रही है।
एसआइटी की टीम कार भी ढूंढ रही है। परीक्षा लेनेवाली एजेंसी से होगी पूछताछ, टीम गयी चेन्नई जेएसएससी पेपर लीक मामले में परीक्षा लेनेवाली एजेंसी सतवंत इंफो प्राइवेट लिमिटेड के कर्मियों से पूछताछ की जायेगी।
इसके लिए आइपीएस के नेतृत्व में इंस्पेक्टर और दारोगा समेत चार लोगों की टीम चेन्नई गयी है। टीम यह जानकारी जुटाने की कोशिश करेगी कि कोई कर्मी इस मामले में शामिल है या नहीं।
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