ED कर चुकी है 443 करोड़ की संपत्ति सीज, दो IAS समेत 29 हुए गिरफ्तार
रांची। झारखंड की सियासत में भूचाल आया हुआ है। इस हलचल में सबसे अधिक चर्चा ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय को लेकर हो रही है। कहा जा रहा है कि ईडी की जांच की वजह से ही राज्य में सियासी हलचल मची है। जमीन घोटाले मामले में मुख्यमंत्री को ईडी 7 बार समन कर चुकी है। आखिरी समन की मियाद भी खत्म हो गई है।
इसके बाद से ही कई तरह के कयास लगाये जाने लगे हैं। इससे पहले भी ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन से 18 नवंबर 2022 को करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी। माना जा रहा है कि ईडी की अगली कार्रवाई पर झारखंड की सियासत कोई भी करवट ले सकती है। हालांक ईडी की दबिश की वजह से पहले भी झारखंड का सियासी पारा चढ़ता और उतरता रहा है।
बीते दो साल में पांच ऐसे घोटाले चर्चा के केंद्र में रहे, जिनकी जांच ईडी कर रही है। इस दौरान ईडी ने करीब 443 करोड़ की संपत्ति सीज की है। इतना ही नहीं, इस दौरान दो सीनियर आईएएस को ईडी ने गिरफ्तार भी किया है। जबकि 29 अन्य भी गिरफ्तार किए गए हैं।। आज हम आपको बता रहे हैं कि ये घोटाले कौन से हैं और ईडी ने अब तक क्या-क्या कार्रवाई की है।
एनोस के बंगले में ईडी का ऑफिस
क्या आप जानते हैं कि आज रांची में ईडी का जो कार्यालय है, वह एनोस एक्का की प्रापर्टी है। पांच साल पहले साल 2018 में ईडी ने एयरपोर्ट रोड स्थित इस बंगले को सीज किया था। ईडी ने इस बंगले की कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक आंकी थी। यह बंगला तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर था।
मनरेगा घोटाला
अब बात मनरेगा घोटाले की। साल 2010 में खूंटी जिले में मनरेगा घोटाला सामने आया था। यह घोटाला 18.06 करोड़ का था। इस घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ईडी ने 6 मई 2022 को तत्कालीन खान और उद्योग सचिव पूजा सिंघल, उनके पति, भाई, सीए सुमन कुमार सहित पांच लोगों के पांच राज्यों के 23 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस मामले में ईडी ने बीते 11 मई 2022 को निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा की 82.77 करोड़ की संपत्ति स्थायी तौर पर जब्त की थी।
अवैध खनन मामला
इसके बाद आया अवैध खनन का मामला, जिसने सत्ता के गलियारे में सबसे पहले हलचल मचाई। साहेबगंज में पत्थर के अवैध खनन और इसके टेंडर को लेकर ईडी ने 8 जुलाई 2022 को 14 लोगों के 18 ठिकानों पर छापा मारा। इसमें सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा सहित 13 अन्य लोग शामिल हैं। साहेबगंज के बरहरवा में हुए टेंडर विवाद को लेकर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। इसी को लेकर छापेमारी की गई थी। इस मामले में 30 करोड़ की कीमत के मालवाहक को ईडी ने सीज कर लिया था।
जमीन घोटाला
अब बात जमीन घोटाले की, जिसने बड़े फर्जीवाड़े की पोल खोली। राजधानी रांची में हुए जमीन घोटाला मामले में लगभग 236 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। 12 जून को 74.39 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की थी। जिसमें सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन और हेहल अंचल के बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन शामिल है। इसके अलावा ईडी ने एक सितंबर को 161.64 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। जिनमें चेशायर होम रोड, पुगरू और सिरमटोली स्थित भूखंड शामिल हैं।
शराब घोटाला
इसके बाद शराब घोटाले की लौ ने तपिश बढ़ाई। शराब घोटाला मामले को लेकर ईडी ने इसी साल 23 अगस्त को राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के आवास सहित कुल 36 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव के ठिकाने से ईडी को 30 लाख रुपये कैश मिले थे। उस वक्त योगेंद्र तिवारी के ठिकानों से भी भारी मात्रा में दस्तावेज मिले थे। इस छापेमारी में 30 लाख नकद सहित 1.14 करोड़ के जेवरात ईडी को मिले थे।
टेंडर कमीशन घोटाला
अब टेंडर कमीशन घोटाला की बात। 21 और 22 फरवरी 2023 को टेंडर कमीशन को लेकर हुए घोटाला मामले में ईडी ने ग्रामीण कार्य विभाग के निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके 24 ठिकानों पर छापा मारा था। इस छापेमारी की कार्रवाई के बाद ईडी ने 19 अप्रैल को 39.28 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया था। वीरेंद्र राम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने यह कार्रवाई की थी। जब्त संपत्तियों में दिल्ली, जमशेदपुर और रांची स्थित फार्म हाउस, फ्लैट, डुप्लेक्स बंगला, जमीन और बैंक खाते में पड़े करीब 36 लाख शामिल हैं।
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