Congress JMM
रांची। झारखंड भी महाराष्ट्र की राह पर बढ़ चला है। झारखंड में नगर निकाय चुनावों के साथ ही महागठबंधन के दलों के बीच खींचतान बढ़ गई हैं। ठीक इसी तरह महाराष्ट्र में भी सत्तारूढ़ महायुती के दलों के बीच खींचतान देखने को मिल रही है। वहां बीजेपी सत्तारूढ़ शिवशेना शिंदे गुट के सामने खड़ी है और उसके साथ है कांग्रेस। ठीक ऐसे ही झारखंड में भी सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस आमने-सामने दिख रहे हैं।
शहरी क्षेत्र में पकड़ बनाने के लिए बेताब झामुमोः
लंबे समय से शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाने के लिए प्रयासरत झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बार निकाय चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने की तैयारियों में है।
चुनाव भले ही दलगत आधार पर नहीं हो रहा हो, लेकिन सभी दलों की सक्रियता इस चुनाव को लेकर बढ़ गई है। बीते दिनों राजधानी रांची में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े युवाओं को पार्टी में शामिल कराकर कांग्रेस के सामने बड़ी चुनौती पेश कर दी है। कांग्रेस ने इस चुनाव में रांची से मेयर पद के लिए पूर्व मेयर रमा खलखो का नाम आगे किया है। रमा वर्तमान में प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं।
मेयर पद को लेकर है विवादः
कांग्रेस के इस दावे को झामुमो के कई नेता नियमित तौर पर खारिज करते रहे हैं। इसके पीछे का कारण यही है कि झामुमो भी इस पद के लिए अपना उम्मीदवार उतारना चाहता है। पार्टी ने इसके लिए दावेदारी के साथ-साथ तैयारी भी शुरू कर दी है। इससे पार्टी को शहरी क्षेत्रों में आधार बनाने में मदद मिलेगी।
धनबाद में भी खींचतानः
रांची के अलावा धनबाद में भी पार्टी ने सक्रियता बढ़ा दी है। वहां महिला मोर्चा की अध्यक्ष डा. नीलम मिश्रा को मेयर पद के लिए उम्मीदवार बनाने को लेकर दावे किए जा रहे हैं। गढ़वा, पलामू, बोकारो आदि जिलों में भी दोनों दलों के बीच दावेदारी का खेल चल रहा है।

