Yogendra Sao
रांची। कांग्रेस नेता और झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पत्नी निर्मला देवी समेत गिरफ्तार कर लिये गये हैं। उनके साथ पांच समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद झारखंड में सियासी भूचाल आ गया है। योगेंद्र साव और कांग्रेस के समर्थकों का जुटान हजारीबाग में होने लगा है।
ये सभी बड़कागांव की ओर रवाना हो रहे हैं, जहां योगेंद्र साव की बेटी और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद पहुंच चुकी हैं। बता दें कि योगेंद्र साव की पत्नी निर्मला देवी भी पूर्व विधायक हैं।
अंबा प्रसाद पुलिस की इस कार्रवाई से काफी नाराज हैं और पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन को तैयार हैं। कई कांग्रेसी नेता भी अंबा प्रसाद के समर्थन में बयान दे रहे हैं।
वहीं, विपक्ष यानी बीजेपी इस मामले को लेकर गठबंधन सरकार पर निशाना साध रही है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है। गठबंधन सरकार में शामिल कांग्रेस नेता योगेंद्र साव और निर्मला देवी महज आंदोलन ही तो कर रहे थे, ऐसे में उनकी गिरफ्तारी कई सवाल खड़े कर रही है।
वहीं कई कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि योगेंद्र साव के इस आंदोलन को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का समर्थन प्राप्त था। ऐसे में उनके आंदोलन को बाधित करना और गिरफ्तार करना एनटीपीसी की मनमानी दर्शाता है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार, बीजेपी और एनटीपीसी ने साजिश कर आंदोलन बाधित करने के लिए ये गिरफ्तारी की गई है।
बताते चलें कि हजारीबाग जिले के बड़कागांव में गुरुवार को झारखंड के पूर्व मंत्री और बड़कागांव के पूर्व विधायक योगेंद्र साव तथा उनकी पत्नी निर्मला देवी को पगार ओपी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उन्हें बाद में केरेडारी थाना ले जाया गया, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, योगेंद्र साव और निर्मला देवी पिछले कई दिनों से पगार स्थित एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना के गेट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। वे अपनी जमीन के मुआवजे और स्थानीय लोगों के अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलनरत थे।
धरना स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों और एनटीपीसी प्रबंधन के साथ उनकी कई बार नोकझोंक भी हुई थी। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से एहतियातन यह कार्रवाई की गई है।
बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि वह घटनास्थल पर पहुंच चुकी हैं और पूरी जानकारी मिलने के बाद आगे की रणनीति तय करेंगी। वह चुप नहीं बैठेंगी।
बता दें कि योगेंद्र साव इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं से मिल चुके थे। हाल ही में उन्होंने नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी मुलाकात की थी, जिसका उद्देश्य जमीन मुआवजे के विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना था। हालांकि पुलिस का कहना है कि स्थिति को शांतिपूर्ण बनाये रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।
बता दें कि योगेंद्र साव झारखंड की राजनीति में एक प्रमुख नेता माने जाते हैं। उनकी हिरासत के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उनके समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है, जबकि प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनी हुई है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।









