Jharkhand municipal elections:
रांची। झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। नामांकन प्रक्रिया जारी है, जो 4 फरवरी तक चलेगी, जबकि मतदान 23 फरवरी को बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा। इस बीच आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस बार नगर निकाय चुनाव में कुल 4,304 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 896 बूथों को अतिसंवेदनशील और 2,445 बूथों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। केवल 963 बूथ ही सामान्य श्रेणी के हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब दो-तिहाई मतदान केंद्र प्रशासनिक दृष्टि से संवेदनशील हैं, जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयोग ने सख्त रुख अपनाया है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने बताया कि सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की जाए। जिला स्तर पर पुलिस बल के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई जा रही है। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
आंकड़ों के मुताबिक
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, धनबाद नगर निगम क्षेत्र में सबसे अधिक संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथ हैं। यहां कुल 974 मतदान केंद्रों में से 643 संवेदनशील और 169 अतिसंवेदनशील हैं, जबकि 158 बूथ सामान्य श्रेणी में आते हैं। रांची नगर निगम क्षेत्र में कुल 909 बूथ बनाए गए हैं, जिनमें 510 संवेदनशील, 128 अतिसंवेदनशील और 271 सामान्य बूथ शामिल हैं।
वहीं मेदिनीनगर नगर निगम में कुल 132 मतदान केंद्र हैं, जिनमें 105 संवेदनशील, 13 अतिसंवेदनशील और केवल 14 सामान्य बूथ हैं। गौरतलब है कि झारखंड में कुल 48 नगर निकाय क्षेत्रों में चुनाव हो रहे हैं, जिनमें 9 नगर निगम, 19 नगर परिषद और 20 नगर पंचायत शामिल हैं। आयोग ने साफ संकेत दिया है कि किसी भी तरह की अव्यवस्था से सख्ती से निपटा जाएगा।








