झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ ने हेमंत सरकार को दी चेतावनी [Jharkhand Energy Development Workers Union warned Hamant government]

IDTV Indradhanush
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गिरिडीह। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ गिरिडीह नॉर्थ डिवीजन की आमसभा का आयोजन जमुआ में किया गया।

बैठक की अध्यक्षता बालगोविंद महतो ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय शामिल हुए।

बैठक को संबोधित करते हुए अजय राय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 2019 में आउटसोर्सिंग खत्म कर सभी कर्मियों को नियमित नियुक्ति देने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ।

यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हम 17 सितंबर के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे और इसकी तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

अजय राय ने बैठक में आरोप लगाया कि निगम के भीतर अधिकारियों का एक सिंडिकेट बनाकर कर्मियों का शोषण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के मानदेय और करोड़ों के एरियर घोटाले का पर्दाफाश जल्द किया जाएगा।

अजय राय ने यह भी कहा कि होमगार्ड और पारा टीचर्स के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं, लेकिन विद्युत कर्मियों के साथ अभी भी शोषण हो रहा है।

बता दें कि बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। श्रमिक संघ ने मांग की कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर ऊर्जा निगम पुरानी व्यवस्था को बहाल करे।

साथ ही, अनुभव के आधार पर विद्युत कर्मियों के लिए चार वर्गों में मानदेय तय किया जाए। 10 वर्षों से अधिक सेवा दे रहे कर्मियों को नियमित नियुक्ति में प्राथमिकता मिले और सभी सप्लाई एवं ट्रांसमिशन जोन में हुए एरियर घोटाले की जांच हो।

बैठक में संगठन के चुनाव भी संपन्न हुए, जिसमें सरफराज आलम को अध्यक्ष चुना गया। रोहित कुमार वर्मा उपाध्यक्ष और विजय शर्मा सचिव चुने गए, जबकि अमित मिश्रा कोषाध्यक्ष बनाए गए। संगठन मंत्री के रूप में पवन शर्मा की नियुक्ति हुई।

कार्यकारिणी सदस्यों में मुकेश साहू, अमित कुमार, राजेश रवानी, विजय कुमार यादव और कई अन्य का नाम शामिल है।

श्रमिक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया, तो आने वाले दिनों में बड़े आंदोलन की योजना बनाई जाएगी।

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