Fake army recruitment: भुवनेश्वर में फर्जी सैन्य भर्ती रैकेट का भंडाफोड़, रिटायर्ड जवान गिरफ्तार

Anjali Kumari
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Fake army recruitment:

रांची। लखनऊ सैन्य खुफिया विभाग से प्राप्त विशेष सूचना के आधार पर भुवनेश्वर पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाकर फर्जी सैन्य भर्तियों में लिप्त एक सेवानिवृत्त जवान को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान संतोष कुमार सेठी के रूप में हुई है, जो भुवनेश्वर सैन्य स्टेशन परिसर में नौकरी के नाम पर लोगों से भारी रकम ऐंठ रहा था।

लिखित शिकायत मिली थी पुलिस कोः

शहीदनगर थाना पुलिस को शिकायतकर्ता संतोष कुमार स्वैन ने लिखित शिकायत दी थी, जिसके आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता घाटकी इलाके का निवासी है और सैन्य सेवा में नौकरी पाने का इच्छुक था। 28 नवंबर 2024 को, एक युवती के माध्यम से शिकायतकर्ता की मुलाकात आरोपी संतोष कुमार सेठी से हुई। आरोपी ने दावा किया कि सेना की 120 बटालियन में एक पद खाली है और उक्त पद पर नियुक्ति के लिए कुछ दस्तावेजों और पैसे की आवश्यकता होगी।

ऐसे की ठगीः

आरोपी ने शिकायतकर्ता से आधार कार्ड, पैन कार्ड, मैट्रिक प्रमाण पत्र, संयुक्त प्रमाण पत्र, चार पासपोर्ट आकार के फोटो और 5,000 रूपए मांगे। रकम का भुगतान शिकायतकर्ता के भाई सुधीर कुमार स्वैन के माध्यम से दिए गए क्यूआर कोड पर किया गया। इसके बाद आरोपी दस्तावेज लेकर 120 बटालियन परिसर के भीतर गया और लौटकर बताया कि सत्यापन हो चुका है। उसने जल्द ही वर्दी, पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र देने का आश्वासन दिया।

बार-बार बुला कर टालता रहाः

आरोपी ने 1 दिसंबर 2024 को नियुक्ति पत्र देने की बात कही, लेकिन रविवार होने के कारण 2 दिसंबर को बुलाया। उस दिन शिकायतकर्ता ने फोन करने की कोशिश की, पर पाया कि आरोपी ने उसका और उसके पिता का नंबर ब्लॉक कर दिया है।

कई महीनों तक आरोपी का पता नहीं चला, लेकिन 12 अगस्त 2025 को शिकायतकर्ता ने उसे आचार्य विहार के पास देख लिया। पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने न केवल गालियाँ दीं, बल्कि मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस कर रही मामले की जांचः

घटना की जांच के बाद और लखनऊ सैन्य खुफिया विभाग से प्राप्त पुख्ता जानकारी के आधार पर, भुवनेश्वर पुलिस ने आरोपी को भुवनेश्वर सैन्य स्टेशन परिसर से गिरफ्तार किया। संतोष कुमार सेठी पर फर्जी भर्तियों के नाम पर विभिन्न लोगों से धन ऐंठने और धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी लोग ठगी के शिकार हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है।

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