Irfan Ansari:
रांची। झारखंड में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR (Survey of Electoral Roll) को लेकर राजनीति गरमा गई है। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने रविवार को इस सर्वे को लेकर विवादित बयान देते हुए लोगों से अपील की कि अगर कोई BLO (बेसिक लोकल ऑफिसर) उनके घर पहुंचे तो उन्हें घर में न आने दें और किसी हालत में SIR न कराएं। उन्होंने दावा किया कि SIR के जरिए लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश रची जा रही है।
“बिना मेरी अनुमति कुछ न कहें” – इरफान अंसारी
मंत्री अंसारी ने कहा कि यदि BLO किसी के घर आए तो लोग सीधे उनसे संपर्क करें। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना समझे-बूझे कुछ भी कहने पर व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है। अंसारी ने दावा किया कि कई परिवारों को वोटर लिस्ट संबंधी कागज ही उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिसके चलते गलत आधार पर उनके नाम हटाए जा सकते हैं।
“झारखंड में किसी भी कीमत पर SIR नहीं होने देंगे”
इरफान अंसारी ने SIR प्रक्रिया का विरोध करते हुए कहा कि झारखंड में यह सर्वे किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा SIR के माध्यम से आधार कार्ड से पहचान जोड़कर वोटर लिस्ट से नाम हटाने और अपने समर्थक नए वोटरों को जोड़ने की योजना बना रही है।
बिहार का उदाहरण देकर जताई चिंता:
मंत्री ने बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि SIR के दौरान वहां 65 लाख वोटरों के नाम हटाए गए और 22 लाख नए नाम जोड़े गए। उनके अनुसार, बाहरी राज्यों से आए BJP समर्थक लोगों के नाम शामिल किए गए, जबकि स्थानीय मतदाताओं के नाम लिस्ट से गायब कर दिए गए। उन्होंने आशंका जताई कि झारखंड में भी इसी तरह की कार्रवाई दोहराई जा सकती है।
