मुझे और पूरे आदिवासी समाज को बदनाम करने के लिए यह कार्रवाई की गई
रांची। सीएम हेमंत सोरेन ने ST-SC थाने में ईडी के खिलाफ केस दर्ज कराया है। इसमें उन्होंने ईडी के जोनल ऑफिस में पदस्थापित ज्वॉइंट डायरेक्टर देवव्रत झा, अधिकारी अनुपम कुमार और अमन पटेल सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
इसमें उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि दिल्ली में ईडी द्वारा जब्त पैसे और कार मेरे नहीं है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया है कि ईडी के उक्त कार्रवाई से मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को मानसिक, मनौवैज्ञानिक और भावनात्मक क्षति हुई है।
सीएम ने अपने आवेदन में कहा कि मीडिया से सूचना मिली है कि ईडी ने मेरे दिल्ली स्थित आवास पर सर्च किया है। मुझे लगता है कि यह मुझे मेरे पूरे आदिवासी समुदाय को बदनाम करने की साजिश है। सीएम ने लिखा कि वह दो दिन के लिए दिल्ली गये थे। वह शांति निकेतन स्थित आवास में रुके थे।
यह आवास झारखंड सरकार द्वारा आवास और कार्यालय के उपयोग हेतु लीज पर लिया गया है। 29 जनवरी को उन्हें सूचना मिली कि ईडी अधिकारियों ने उनके दिल्ली स्थित आवास में सर्च किया है। ईडी ने उन्हें 29-31 जनवरी के बीच रांची में मौजूद रहने के लिए कहा था।
ऐसे में बिना सूचना दिए ईडी अधिकारियों ने उनके आवास में सर्च किया और मीडिया में यह जानकारी दे दी। यह सब उन्हें बदनाम करने के लिए किया गया, ताकि उन्हें भगोड़ा बताया जा सके। सीएम ने कहा कि दिल्ली स्थित आवास से कथित तौर पर 36 लाख रुपये नकद और बीएमडब्ल्यू कार उनके नहीं हैं।
जिन अधिकारियों ने उनके खिलाफ साजिशन यह कार्रवाई की वे एससी या एसटी वर्ग से नहीं आते। उन्होंने जानबूझकर मुझे बदनाम करने और सार्वजनिक रूप से मुझे अपमानित करने के लिए यह कार्रवाई की है।
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