दयानंद राय
रांची : रांची लोकसभा सीट से पांच दफा सांसद रहे रामटहल चौधरी ने अपनी भावी चुनावी रणनीति को लेकर खुलासा किया है। श्री चौधरी ने कहा है कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें जदयू के टिकट पर रांची से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऑफर दिया है।
इसपर उन्होंने नीतीश कुमार से कहा है कि यदि इंडिया गठबंधन के खाते में जदयू के हिस्से में यह सीट आती है तो वे इस ऑफर पर विचार करेंगे। आइडीटीवी को दिए गए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि वर्ष 1991 में लालू यादव ने उन्हें राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने को कहा था।
चुनाव में खर्च के लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये देने का भी वादा किया था पर तब लालू यादव के इस ऑफर को उन्होंने ठुकरा दिया था। इसके बाद से लालू यादव उन्हें और ज्यादा सम्मान देने लगे थे। रामटहल चौधरी ने कहा कि मोदी युग से पहले और अब की भाजपा में जमीन-आसमान का अंतर है।
भाजपा में अटल-आडवाणी जैसे पुराने नेता साइड कर दिए गए हैं
आज की भाजपा में अटल-आडवाणी जैसे पुराने नेता साइड कर दिए गए हैं। भाजपा में अब मिस्ड कॉल से सदस्य बनाया जाता है इससे सदस्य बननेवाला कौन है और उसकी पृष्ठभूमि क्या है इसका पता नहीं चल पाता। पूर्व की भाजपा में बिना सदस्य बननेवाले की पृष्ठभूमि जाने उन्हें सदस्य नहीं बनाया जाता था।
सदस्य बनने के लिए जो आवेदन करता था उसका वेरिफिकेशन होता था। पार्टी से बगावत करने की वजह के बाबत उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में उनसे कहा गया था कि वे सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करें और किसी का टिकट नहीं कटेगा।
पर प्रचार पर दो लाख से ज्यादा खर्च करने के बाद एक दिन उन्हें सौदान सिंह का फोन आया और उन्होंने कहा कि आप लिख कर दें कि आप चुनाव नहीं लड़ेगे। तब तक देर हो चुकी थी इसलिए उन्हें पार्टी से बगावत करनी पड़ी।
राजनीति में अपने आने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और शोषण के विरोध में उन्होंने राजनीति करनी शुरू की थी और 25 साल की उम्र में वे बिहार विधानसभा में विधायक बन गये थे।
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