HEC workers salary crisis
रांची। 18 दिसम्बर 2025 दिन गुरुवार को 6 यूनियनों की एक संयुक्त बैठक हुई। जिसमें HEC के वर्तमान स्थिति पर चर्चा किया गया। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि HEC को गंभीर स्थिति से बचाने के लिए एक संयुक्त मोर्चा का गठन किया गया जिसका नाम एच.ई.सी संयुक्त मोर्चा रखा गया।
सभी को ज्ञात होगा की भेल से आए हुए निदेशक गण कर्मियों के समक्ष बहुत सारे वादे किए कि आप सभी कर्मचारी एवं यूनियन सहयोग कीजिए प्रबंधन बहुत जल्द कुछ महीनों में HEC के कर्मचारियों के जरूरी मांगों को पुरा कर देंगे कई महीनों से लंबित वेतन को जल्द से जल्द भुगतान करेंगे एवं अन्य समस्याओं को भी धिरे धिरे हल करेंगे। उसके उपरांत यहां के कर्मचारियों की दयनीय स्थिति होने के बावजूद भी दो तीन महीने में मात्र 15 दिन का वेतन भुगतान किया जा रहा है। और बीच-बीच में किसी महिने बिना वेतन के भी कर्मचारियों को अपना दिन गुजरना पड़ रहा है।
कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाएं
कर्मचारियों की मूलभूत सुविधाएं को आज के समय में निदेशक गण मौखिक रूप से बन्द कर दिये। वादे तो बहुत किये लेकिन पटल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। यहां के कर्मचारी आज भी सभी जरूरी सुविधाएं के बिना पुरे तन मन से उत्पादन में अपना सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। लेकिन निदेशकों को प्रत्येक महीने समय पर भेल से वेतन मिल जाता है इसलिए यहां के कर्मचारियों का बिना वेतन का कैसे घर परिवार चल रहा है इसका तनिक भी एहसास निदेशकों को नहीं हो रहा है। ऐसे ही कर्मचारियों के द्वारा भीपीएफ में जो अंशदान किया गया था।
उसमें से 6 महिने का जिसका भी अंशदान था उसको वापस करने का आर्डर भी निकाला लेकिन अपने खुद के आर्डर को लागू नहीं किया। LIC का पैसा जो हर महीना सैलरी से डिडक्ट होता था एक सर्कुलर के द्वारा अप्रैल 2025 से बंद कर दिया गया लेकिन अभी तक में फरवरी 2024 तक ही पैसा जमा किया गया है।
कर्मचारियों के मृत्यु पर परिवारों को इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिला
इससे कई कर्मचारियों के मृत्यु होने पर उनके परिवारों को इंश्योरेंस का लाभ भी नहीं मिल पाया। 2018 बैच के कर्मचारियों का प्रमोशन का अभी तक कुछ भी विचार प्रकट नहीं किया और पिछले जनवरी 2024 से कर्मचारियों का वेतन पर्ची अभी तक बिना कारण के लंबित है। इसी तरह तमाम जरूरी मांगों को भेल के पदास्थापित निदेशक कटौती करते जा रहे। और अपनी मनमानी चला रहे हैं।
लेकिन अब यूनियन इससे ज्यादा अत्याचार नहीं होने देगी इसलिए 6 यूनियन का संयुक्त होकर बहुत जल्द तमाम मुद्दों पर निदेशक गण से मिलकर अपनी बातों को रखेंगे। आज मुख्य रूप से एचईसी मजदूर संघ (बी.एम.एस) के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद, हटिया कामगार यूनियन (एटक) के प्रभारी महासचिव आर.के.शाही, हटिया लोकमंच के सचिव बिमल महली, एचईसी श्रमिक कर्मचारी ली. के महामंत्री प्रकाश कुमार, एचईसी श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष शनि सिंह, जनता मजदूर यूनियन के महामंत्री एस.जे.मुखर्जी बैठक में शामिल होकर अपने अपने विचारों को रखा। और विशेष रूप से अगली बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा कर आगे की रणनीति बनाने की बात कही।








