Gopi Krishna murder case:
रांची। रांची सिविल कोर्ट के चर्चित अधिवक्ता गोपी कृष्ण हत्याकांड में मंगलवार को अदालत ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अपर न्यायायुक्त कुलदीप की अदालत ने आरोपी रोशन मुंडा और संदीप कालिंदी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं तीसरे आरोपी खेमलाल कालिंदी को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। अदालत ने 11 नवंबर को दोनों मुख्य आरोपियों को दोषी करार दिया था। गिरफ्तारी के बाद से ही दोनों जेल में थे। लगभग एक साल तीन महीने में यह मामला निपटा और सजा का निर्धारण किया गया। सजा सुनाए जाने के दौरान दोनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश किया गया।
कैसे हुआ था अधिवक्ता का मर्डर:
यह वारदात 2 अगस्त 2024 की रात रांची के सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के मधुकम महुआ टोली में हुई थी। अधिवक्ता गोपी कृष्ण अपने घर के पास खड़े थे, तभी अचानक एक अपराधी ने उन पर हमला कर दिया। अपराधी ने उनके सिर के बीचोंबीच चाकू से वार किया। घायलों को तत्काल रिम्स ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके सिर से चाकू निकाल तो दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी।
घटना से वकील समाज में आक्रोश:
हत्या की खबर से वकील समाज में भारी रोष फैल गया। बड़ी संख्या में वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पत्नी अनिमा देवी ने सुखदेव नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अदालत के फैसले के बाद जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने कहा कि परिवार को न्याय मिला है और यह फैसला अपराधियों के लिए कड़ा संदेश है।
जांच में पुलिस की अहम भूमिका:
इस मामले की जांच में कोतवाली DSP प्रकाश सोय ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तत्कालीन SSP चंदन कुमार सिन्हा के निर्देश पर DSP सोय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों को घटना के तीसरे दिन, 5 अगस्त 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस की तत्परता और सघन जांच से मामले में समय पर न्याय सुनिश्चित हो सका।
