Ganesh Chaturthi:
रांची। गणेश चतुर्थी का पर्व आज से पुरे झारखंड में धूमधाम से मनाया जाएगा। यह पर्व हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन गणेश जी की पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और बाधाओं का नाश होता है। गणेश जी को बुद्धि, ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना गया है, और उनके पूजन से सभी विघ्न दूर होते हैं तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।झारखंड में इस वर्ष गणेश चतुर्थी के पर्व की तैयारी पूरे जोश और श्रद्धा से की गई है। गणेश प्रतिमा की स्थापना और 10 दिनों तक पूजन का विधान है, जो 27 अगस्त से शुरू होकर 6 सितंबर तक चलेगा। इस दिन गणेश चतुर्थी तिथि दोपहर 2:06 बजे तक रहेगी, और इस दिन से पूजा का शुभारंभ होगा। इस पर्व के दौरान श्रद्धालु भगवान गणेश को शोभायात्रा के साथ विदाई देंगे, जो कि अनंत चतुर्दशी पर होगी।
पूजा पंडालों की सजावट पूरी हो चुकी है:
राजधानी रांची सहित झारखंड के विभिन्न शहर जैसे जमशेदपुर और रामगढ़ में पूजा पंडालों की सजावट पूरी हो चुकी है, और पूजा समितियां हर साल की तरह भव्य आयोजन जुटी है। मंदिरों, पूजा समितियों, और घरों में विशेष सजावट की जा रही है। रांची में प्रमुख स्थानों जैसे महावीर मंदिर (डोरंडा), हनुमान मंदिर (हरमू रोड), और पंचमुखी गणपति (लालपुर) में भी सजावट की जा रही है। कई पूजा समितियां इस वर्ष इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा स्थापित करने का संदेश दे रही हैं, ताकि पर्यावरण की रक्षा की जा सके।
झारखंड में बाजार भी सज गए हैं:
लालपुर, कांके रोड, और अपर बाजार में मूर्तियों, सजावट और पूजा सामग्री की खरीदारी जोरों पर है। लोग भगवान गणेश को 101 किलो लड्डू का भव्य भोग अर्पित करेंगे।रातू रोड के खादगढ़ा जयप्रकाशनगर स्थित श्री गणेश लक्ष्मी मंदिर में पहले दिन मंगलाचरण एवं कलश स्थापना होगी। इस दिन बाहर से आए भजन मंडली कलाकार मंदिर में जागरण प्रस्तुत करेंगे, और महाआरती के बाद महाभंडारे में प्रसाद वितरण होगा। यहां तक कि लोअर चुटिया में नौ दिनी मेला आयोजित होगा, जहां रंग-बिरंगे बल्बों और सजावट के बीच पूजा पंडाल तैयार किए गए हैं। कोकर इंडस्ट्रियल एरिया में चार दिन चलने वाला उत्सव होगा, जिसमें महाभंडारा और खिचड़ी भोग का वितरण किया जाएगा।
पिस्का मोड:
पिस्का मोड में तीन दिनी गणेश उत्सव होगा, जहां भक्तों के बीच महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। इसके अलावा, श्री गणेश पूजा समिति सहित कई अन्य पूजा समितियां शहरभर में पूजा पंडालों की सजावट कर रही हैं, जिनमें आकर्षक विद्युत सज्जा और तोरण द्वार बनाए जा रहे हैं। इस उत्सव के दौरान रंग-बिरंगे बल्बों से सजावट का काम बाहर के कारीगर और कलाकारों से कराया जा रहा है।
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