Little Heart Hospital:
रांची। 30 जुलाई को लिटिल हार्ट हॉस्पिटल, अरगोड़ा में नवजात की कथित मौत के मामले में परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मीडिया के समक्ष परिजनों ने दावा किया कि पोस्टमॉर्टम में साफ उल्लेख है कि बच्चे की मौत 48 घंटे पहले हो चुकी थी।
बच्चे की मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखा गयाः
परिवार का आरोप है कि मौत छिपाकर बच्चे को कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया और उनसे पैसे वसूले गए। परिवार ने यह भी कहा कि न पुलिस प्रशासन ने अब तक उनकी अपेक्षित मदद नहीं की है और न ही स्वास्थ्य मंत्री के स्तर से उन्हें राहत मिली है।
बच्चे को देखने की मांग की, तो शव सौंपा गयाः
मामला पहली बार सार्वजनिक होने के बाद से कई तथ्य सामने आए हैं। परिवार का कहना है कि 30 जुलाई को जब उन्होंने रेफर कागजों पर हस्ताक्षर से पहले बच्चे को देखने की मांग की, तब उन्हें निर्जीव शरीर सौंपा गया।
बच्चे की स्थिति का अपडेट नहीं दियाः
इस संबंध में दर्ज शिकायत में आरोप है कि अस्पताल रोज महंगी दवाइयों और ब्लड की मांग करता रहा, जबकि बच्चे की स्थिति पर स्पष्ट अपडेट नहीं दिए गए। इस बीच पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद शव को कब्जे में लेकर रिम्स में पोस्टमॉर्टम कराया।
उच्चस्तरीय जांच का आदेशः
जिला प्रशासन ने मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि परिजनों को बच्चे की स्थिति की नियमित जानकारी दी जाती रही। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर एफआईआर भी दर्ज की गई है।
निष्पक्ष एजेंसी से जांच की मांगः
परिजनों ने मांग की कि जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए, बिलिंग और रिकॉर्ड्स सार्वजनिक किए जाएं और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। परिवार ने आर्थिक शोषण के आरोपों की भी जांच की गुहार लगाई।
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