रांची। ईडी ने दारोगा मीरा सिंह और कांग्रेस नेता लाल मोहित नाथ शाहदेव के ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की।
इस दौरान ईडी ने नगद राशि समेत कई दस्तावेज जब्त किये है। तुपुदाना स्थित लाल बस्ती में कांग्रेस नेता सह जमीन कारोबारी लाल मोहित नाथ शाहदेव के आवास से छापेमारी में 12.50 लाख रुपए कैश और जमीन के दस्तावेज मिले हैं।
उनके मोबाइल से कई संदिग्ध चैट भी मिले हैं। इसमें अवैध रूप से चल रहे बालू के कारोबार के बारे में कई अहम जानकारियां हैं।
ईडी इसकी जांच कर रही है। ईडी को आशंका है कि तुपुदाना क्षेत्र में चल रहे बालू के अवैध कारोबार में हो रहे अवैध लेन-देन की जानकारी भी चैट में है।
उधर, मीरा सिंह के आवास से भी ईडी को कई मोबाइल और दस्तावेज मिले हैं। इसकी जांच की जा रही है।
मीरा सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने फरवरी 2021 में 15 हजार रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया था।
उस समय मीरा खूंटी महिला थाना प्रभारी थीं। मीरा पर आरोप था कि दुष्कर्म के एक आरोपी को बचाने के लिए उन्होंने 50 हजार रुपए घूस मांगी थी।
वह जब घूस की 15 हजार रुपए की राशि उनके चैंबर में दे रहा था, तभी एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
एसीबी में दर्ज इसी केस के सिलसिले में ईडी ने गुरुवार को उनके आवास पर दबिश दी।
मीरा सिंह तुपुदाना में ब्रिजफोर्ड स्कूल के पास स्थित आशीष इन्क्लेव के फ्लैट नंबर 302 में किराए पर रहती हैं।
ओपी प्रभारी के आवास पर छापेमारी के बाद ईडी की टीम तुपुदाना ओपी भी पहुंची। वहां से एक डायरी जब्त की गई है।
उसमें कई मोबाइल नंबर हैं, जिनकी जांच की जा रही है। पता लगाया जा रहा है कि वे नबर किनके है।
उन नंबरों पर किन-किन लोगों से बातचीत हुई है। मीरा सिंह और लाल मोहित नाथ शाहदेव के पास से मिले मोबाइल से भी डायरी में लिखे नंबरों को मिलाया जा रहा है।
मीरा सिंह को जुलाई 2022 में तुपुदाना ओपी का प्रभारी बनाया गया था। प्रभारी बनने के बाद उनपर कई गंभीर आरोप लगे।
उनपर एक युवक की पिटाई का भी आरोप लगा था। जिसका मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार में भी चल रहा है।
इसके बाद मीरा सिंह अपने तबादले को लेकर भी चर्चा में रही। पिछले साल उनका तबादला हो गया था, लेकिन उनका तबादला अचानक पुलिस मुख्यालय से रुक गया था।
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