Sanjeev Singh
धनबाद। इस बार के निकाय चुनाव में धनबाद के मेयर पद को लेकर हाईप्रोफाइल रोमांच दिखने वाला है। सिंह मेंशन के लाल संजीव सिंह ने धनबाद के मेयर पद पर दावेदारी पेश कर दी है। नगर निकाय चुनाव 2026 की तारीखों के एलान का ऐलान होते ही, उन्होंने प्रदेश बीजेपी को पत्र भेज कर दावेदारी ठोक दी है।
झारखंड में निकाय चुनाव की घोषणा के पहले से ही राजनीति में हलचल बढ़ी हुई है। दरअसल, इस निकाय चुनाव में धनबाद मेयर के पद को सबसे हॉट सीट माना जा रहा है। धनबाद के सिंह मेंशन, रघुकुल, रामायण और महतो मेंशन सभी इस पर नजर गड़ी है। इससे साफ है कि यह जंग काफी रोचक और रोमांचक होने वाली है।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र
इसी कड़ी में सबसे पहले झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह ने मेयर पद के लिए दावेदारी पेश कर दी है। उन्होंने अपनी दावेदारी को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू को पत्र लिखा है।
पत्र में संजीव सिंह ने खुद को पार्टी का एक अनुशासित और समर्पित सिपाही बताते हुए कहा कि वे सदैव संगठन की विचारधारा और राष्ट्रहित के सिद्धांतों पर चलते रहे हैं। संजीव सिंह ने अपनी दावेदारी को मजबूती देने के लिए अपने परिवार की लंबी राजनीतिक विरासत और सामाजिक पारिवारिक आधार का उल्लेख किया है। उन्होंने पत्र में बताया है कि, उनके पिता स्वर्गीय सूर्यदेव सिंह 4 बार विधायक रह चुके हैं। उनकी माता कुंती देवी ने भी 2 बार विधायक के रूप में जनता की सेवा की है। वह स्वयं भी पूर्व में विधायक के दायित्व का निर्वहन कर चुके हैं। वर्तमान में उनकी धर्मपत्नी रागिनी सिंह झरिया विधानसभा से विधायक के रूप में सक्रिय हैं।
दावेदारी के लिए ये तर्क भी दिये
राजनीतिक बैकग्राउंड के अलावा, संजीव सिंह ने जमीन स्तर पर अपने जुड़ाव का भी जिक्र किया है। उन्होंने बताया कि वे वर्तमान में बीसीसीएल के सबसे बड़े मजदूर संगठन से जुड़कर श्रमिकों के हितों, उनके सामाजिक-आर्थिक कल्याण और अधिकारों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। सिंह का कहना है कि इस अनुभव ने उन्हें जनसमस्याओं की गहरी समझ दी है, जिसका लाभ वे मेयर बनकर नगर के सर्वांगीण विकास और जन कल्याण में देना चाहते हैं।
भाजपा नेतृत्व पर टिकी नजरे
पत्र के अंत में, संजीव सिंह ने पार्टी नेतृत्व से सकारात्मक विचार करने और मार्गदर्शन प्रदान करने का विनम्र आग्रह किया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि एक अनुशासित कार्यकर्ता होने के नाते वे सदैव संगठन के आदेशों और निर्णयों का पालन करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेंगे। संजीव सिंह की इस औपचारिक पहल ने धनबाद के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज कर दी हैं और अब सबकी नजरें भाजपा नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।












