कहा-अनियमितता हुई, तो बख्सेंगे नहीं
नयी दिल्ली। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान निर्माणाधीन झारखंड भवन के सभी सात फ्लोर का निरीक्षण किया। उन्होंने कांफ्रेंस हॉल, डाइनिंग हॉल, मुख्यमंत्री कक्ष, गेस्ट रूम, गवर्नर सुइट समेत अन्य स्थलों का निरीक्षण किया।
भवन निर्माण करवा रहे अधिकारियों, सलाहकार और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक भी की। बैठक में निर्माण में खर्च होने वाले बजट को भी सीएम ने समझा लेकिन मुख्यमंत्री संतुष्ट नजर नहीं आए।
उन्होंने15 दिनों के अंदर जिम्मेवार अधिकारियों एवं सलाहकारों की भूमिका से संबंधित जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा। सीएम ने भवन की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं अतिथि की सुविधा के लिए आवश्यक बदलाव करने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
सीएम को बताया गया कि कोविड की वजह से काम पर रोक और तकनीकी चुनौतियों के कारण झारखंड भवन निर्माण कार्य में विलंब हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड भवन का निर्माण कार्य की गुणवत्ता अपनी पहचान स्थापित करे, ऐसा प्रयास होना चाहिए। झारखंड भवन निर्माण कार्य में अगर किसी तरह की अनिमियतता सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति बख्शे नहीं जायेंगे।
बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, प्रधान स्थानिक आयुक्त मस्त राम मीणा, भवन निर्माण सचिव सुनील कुमार एवं अन्य उपस्थित थे।







