रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में लिखा कि झारखंडियों का हक मांगो तो जेल डाल देते हैं, पर अपने हक के लिए हर कुर्बानी मंजूर है।
हम बीजेपी के सहयोगी राज्यों की तरह स्पेशल स्टेटस नहीं मांग रहे, ना हीं हम कुछ राज्यों की तरह केंद्रीय बजट का बड़ा हिस्सा मांग रहे हैं। हमें बस हमारा हक दे दीजिए, यही मांग है।

हमारी मांग न्याय की हैः
उन्होंने आगे लिखा कि हमारी मांग सिर्फ न्याय की है, विशेषाधिकार की नहीं। झारखंड के लोगों ने अपने राज्य के लिए लंबा संघर्ष किया है, और अब हम चाहते हैं कि हमारे संसाधनों और अधिकारों का उचित उपयोग हो।
हम अपने बकाये के 1 लाख 36 हजार करोड़ से झारखंड को विकास के नए पथ पर ले जाएंगे- ऐसा विकास जो हमारे पर्यावरण, आदिवासी/मूलवासी और हर एक झारखंडी समुदायों के हितों की रक्षा करे।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार करेंगेः
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीएम को लिखा कि हम शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेंगे, ताकि हमारे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल हो सके।
हम अपनी भाषा और संस्कृति का और बेहतर संरक्षण करेंगे, ताकि हमारी पहचान बनी रहे साथ ही हम हमारे युवाओं को रोजगार के नए आयाम उपलब्ध करायेंगे और उसके आभाव में उन्हें उचित भत्ता देंगे।

हमारे हक पर जल्द फैसला लेः
पीएम को लिखे पत्र में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारे हक पर, हमारे पैसों पर केंद्र सरकार जल्द फैसला ले और झारखंड के विकास में बाधा न बने, बल्कि सहयोगी बनें। हम अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे, चाहे इसके लिए कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की धरती पर जन्मे हर व्यक्ति का यह कर्तव्य है कि वह अपने राज्य के हितों की रक्षा करे और हम एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे, लड़ेंगे और अपना हक अपने पुरखों की तरह ले कर रहेंगे। अपना हक लेकर रहेगे।
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