रांची : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के अंग्रेजी भाषा और साहित्य विभाग में गुरूवार से सत्र 2023-27 की कक्षाएं शुरू हो गयीं। मौके पर विभाग के कॉर्डिनेटर डॉ विनय भरत ने बताया कि इस विभाग की स्थापना उन छात्रों को ध्यान में रखकर की गयी है जो विशुद्ध साहित्य के इतर भाषा और साहित्य के फ्यूजन से अपना भविष्य संवारना चाहते हैं।
उन्होंने विभाग में पढ़ने वाले छात्रों के समक्ष अवसर और संभावनाएं साझा करते हुए बताया कि बदलते वक्त ने रोजगार के नए आयामों को खोला है। यह विषय उन अवसरों तक पहुंचने का मार्ग खोलता है। कार्यक्रम में शिक्षक सौरभ मुखर्जी ने उन क्षेत्रों का जिक्र किया जहां विद्यार्थी ऑनर्स के बाद जा सकते हैं। यह विषय प्रतिलेखन, अनुवाद, लिंगुअल एक्सपर्ट, ट्रांसक्राइबिंग, मैनेजमेंट, सिविल सर्विसेज, बैंकिंग, एस एस सी, मल्टीनेशनल बीपीओ के साथ स्कूल और उच्च शिक्षण के क्षेत्र में पर्याप्त करियर के अवसर प्रदान करता है।
इस कोर्स के साथ छात्र किसी भी सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकते हैं और छात्रों की पसंद के अनुसार भाषाविज्ञान या साहित्य में स्नातकोत्तर का चयन कर सकते हैं। शिक्षक करमा कुमार और श्वेता गौरव ने प्रोग्रेस रिपोर्ट रखते हुए बताया कि विभाग का कुल नामांकन केवल दो वर्षों में 400 है जिसमे कि लड़कियों की संख्या 210 हैं, जो कुल नामांकन का 52.6% है। अब इस सत्र के नामांकन के साथ विभाग की कुल संख्या 650 विद्यार्थियों की हो गयी है।
साथ ही विभाग में आदिवासी छात्रों की एक बड़ी संख्या भी शामिल है। शिक्षिका शुभांगी रोहतगी ने बीते 2 वर्ष की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि अभी तक विभाग कुल 36 संगोष्ठी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर चुका है , जिसमें डॉ नितिन मदन कुलकर्णी ( आईएएस) श्री अंजनी सहाय ( आई एफ एस) , पद्मश्री प्रो.एच .सी. वर्मा, पद्मश्री राजेन्द्र सिंह जैसे गणमान्य अतिथि आकर विद्यार्थियों को सम्बोधित कर चुके हैं। शिक्षिका रंजना कुमारी ने विद्यार्थियों को समाजिक सरोकार से जुड़ने का भी आह्वान किया। इसके साथ ही छात्रों के बीच सिलेबस की सॉफ्ट कॉपी जारी की गयी। इस मौके पर क्लास रिप्रेजेंटेटिव मानसी विश्वास, ग्लैड केरकेट्टा, प्रिया कुमारी और सामिया यास्मीन ने भी कक्षा को सम्बोधित किया।







