Hemant Soren development schemes
चाईबासा। शूरवीरों की धरती सेरेंगसिया में सोमवार को अमर वीर शहीदों को नमन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहे और शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड हमेशा से वीरों और बलिदान की धरती रही है, जहां जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने अपने प्राण न्योछावर किए।मुख्यमंत्री ने पोटो हो, भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और नीलांबर-पीतांबर जैसे महान शहीदों को याद करते हुए कहा कि इन्हीं की शहादत ने झारखंड को पहचान दी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों का झारखंड बनाने के लिए सरकार निरंतर विकास की दिशा में काम कर रही है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने क्या दिया खास
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 398 करोड़ 19 लाख 35 हजार 298 रुपये की लागत से 197 विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इनमें 122 योजनाओं का शिलान्यास (224 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक) और 75 योजनाओं का उद्घाटन (173 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक) शामिल है। साथ ही 3 लाख 77 हजार 256 लाभार्थियों के बीच 637 करोड़ रुपये से अधिक की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने किन चीज़ो को लेकर राज्य की विकास की बात की
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक राज्य आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और बौद्धिक रूप से मजबूत नहीं होगा, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। उन्होंने युवाओं को निःशुल्क कोचिंग, विदेश में उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को हर साल 30 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। अंत में उन्होंने सभी से शहीदों के आदर्शों को अपनाकर झारखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
