रांची : पुस्तकालय की स्थापना समाज के लिए एक नेक शगुन है। हम इबादत गाहें बनाते हैं और लाइब्रेरी की स्थापना भी एक बड़ी इबादतगाह बनाने के समान है। रविवार को ये बातें विधानसभा के स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहीं। वे जमीयतुल एराकीन भवन में इराकिया लाइब्रेरी और स्टडी सेंटर के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि हम दूसरे का धन तो नहीं ले सकते, लेकिन दूसरों से ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं को पुस्तकालय को समर्पित कर दीजिए, पुस्तकालय आपको वो मंज़िल देगी जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। ये जमीयतुल एराकीन की बड़ी पहल है जो स्लम क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए वरदान है।
लाइब्रेरी समाज मे प्रतिभाओं के लिए एक पुरुष्कार के समान है। लाइब्रेरी की स्थापना केवल एक समाज के लिए सीमित नहीं है बल्कि दूसरों को भी प्रेरित करेगा। बिखरी हुई प्रतिभाओं के लिए लाइब्रेरी उन्हें एकत्रित करने का बेहतरीन पहल है। पुस्तकें जीवन को सुसज्जित करती है। चौदहवे वित्त आयोग की राशि मे अपने जिले के हर पंचायत में हमने लाइब्रेरी की स्थापना की। कार्यक्रम में राज्य सभा सदस्य महुआ माजी ने कहा कि जमीयतुल एराकीन की ओर से स्थापित पुस्तकालय एक अच्छी पहल है। मेरा सौभाग्य है कि ऐसे पवित्र कार्यक्रम में हिस्सा लेने का मौका मिला।
इसके आस-पास स्लम आबादी बहुत है जहां लाइब्रेरी की स्थापना आला सोच को दर्शाती है। ये एक क्रांतिकारी क़दम है और मुझे उम्मीद है कि माही के संयोजक इबरार अहमद का सहयोग मिलता रहेगा और ये लाइब्रेरी फलती-फूलती रहेगी। कार्यक्रम में जमीयतुल एराकीन कमिटी के महासचिव सैफुल हक़ ने कहा कि यह रांची का सबसे पुराना स्कूल है और जमीयत ने समाज में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभाई है और हर सामजिक कार्यों में पेश-पेश रहा है।
जमीयतुल एराकीन की स्थापना 1938 ई० में हुई है और ये शहर की पुरानी पंचायत है और यहां पुस्तकालय की स्थापना भी सबसे पहले हुई है। इसी तरह अपने अध्यक्षीय भाषण में हसीब अख़्तर ने कहा कि हमारे समाज में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिन्हें घर में पढ़ने की जगह उपलब्ध नहीं है इसी मक़सद की तहत लाइब्रेरी की स्थापना की गई ताकि ऐसे बच्चे लाभान्वित हों। व्यक्तित्व के बहुमुखी विकास के लिए किताबें पढ़नी होगी और कमिटी इस लाइब्रेरी को चौबीस घंटे खोलने की तैयारी में है। कमिटी का अगला कार्यक्रम इस क्षेत्र में कंप्यूटर लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए कंप्यूटर सेंटर की स्थापना करना है।
हसीब अख़्तर ने पुस्तकालय के लिए किताबें दान देने के लिए माही के इबरार अहमद, सदफ़ पब्लिक स्कूल के सेराजुद्दीन,शान बॉयज होस्टल के डायरेक्टर सफवान आलम उर्फ ज़ीशान, अनवार आलम, सर्व इंडिया ग्रुप और ज़फर नईम का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में जमीयतुल एराकीन के उपाध्यक्ष दस्तगीर आलम, कोषाध्यक्ष मोजाहिद सोहैल, कार्यकारिणी सदस्यों में मुजाहिद इस्लाम, अर्शद शमीम, कमालुद्दीन, अब्दुल गफ़ूर शाज़ली,जावेद शहज़ाद,मोहम्मद जावेद के इलावा माही के संयोजक इबरार अहमद, गयासुद्दीन मुन्ना,मोहम्मद सलाहुद्दीन, सरवर इमाम खान, रिजवान अंसारी,सरफराज अहमद, नदीम अख़्तर, प्रोफेसर निज़ामुद्दीन ज़ुबैरी, राशिद बुखारी, प्रोफेसर अनीसुर्रहमान, अरशद कमाल, नैय्यर परवेज़ डायमंड, जुनैद अहमद, डॉक्टर तनवीर, डॉक्टर असलम परवेज़, मंज़र इमाम, औरंगज़ेब, मोहम्मद नजीब, मोहम्मद वसीम, जावेद अहमद,मोहम्मद शकील, नूर आलम, ख़ालिद सैफुल्लाह,सलमान चौधरी, शोएब रहमानी, समी आजाद, मज़हर हुसैन,शहज़ीन इरम, सैय्यद मेराज हसन, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद नईम,मोहम्मद सेराज आदि उपस्थित थे। वहीं, धन्यवाद ज्ञापन अफरोज़ आलम ने किया।








