रांची। सोमवार को सदन में शून्यकाल के दौरान उस समय सदन खिलखिला उठा, जब स्पीकर महोदय की जुबान फिसल गई।
कार्यवाही दोबारा से शुरू होने के बाद चल रहे शून्यकाल के दौरान स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने बड़कागांव की विधायक अंबा प्रसाद का नाम पुकारा।
इसी दौरान स्पीकर महोदय भूलवश अंबा प्रसाद के नाम के आगे श्रीमती लगा बैठे। इसे तुरंत ही अंबा प्रसाद ने मुस्कुराते हुए सुधारा।
दरअसल नाम पुकारने के दौरान अंबा प्रसाद के नाम के आगे स्पीकर ने गलती से श्रीमती लगा दिया था। जिसे सुधारते हुए विधायक अंबा बोलीं कि महोदय, सुश्री.. जिसपर स्पीकर सहित सदन के अंदर मौजूद कई विधायक मुस्कुराने लगे।
इस पर स्पीकर भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने तुरंत ही तुचकी लेते हुए अपनी गलती सुधारी और कहा कि दरअसल, ये संबोधन भविष्य को देखते हुए मुंह से निकल गया।
बताते चलें कि विधायक अंबा प्रसाद कुंवारी है। ऐसे में उनके नाम के आगे सुश्री ही लगेगा। लेकिन जब भूलवश स्पीकर ने उनके नाम के आगे श्रीमती लगाया, तभी अंबा ने इस भूल को सुधारते हुए सुश्री कहा।
बाद में स्पीकर चुटकी लेते हुए कहा कि भविष्य को देखते हुए उन्होंने यह बोल दिया। मालूम हो कि श्रीमती का इस्तेमाल शादीशुदा महिलाओं के नाम के आगे होता है, जबकि कुवांरी लड़कियों के नाम के आगे सुश्री लगाया जाता है।
बहरहाल स्पीकर की इस गलती से गरमाये हुए सदन को दोनों विधायकों की मुस्कुराहटों से ठंडक जरूर मिल गई।
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