मुझ पर जमीन घोटाले का आरोप बेबुनियाद: हेमंत

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लोहरदगा। सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में हिस्सा लेने लोहरदगा पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जमीन घोटाला के आरोपों पर जवाब दिया। फील्ड फायरिंग रेंज और हजारीबाग में उद्योग की स्थापना के लिए अधिग्रहण की गई जमीन का जिक्र कर सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि मुझपर जमीन घोटाला करने का आरोप बेबुनियाद है। सीएम हेमंत ने कहा कि मैं क्या बाहरी हूं?

झारखंड में जमीनें आदिवासी और मूलवासी की है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनके और उनकी सरकार के खिलाफ षड्यंत्र किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार कल्याणकारी योजनाएं चलाती है तो विपक्ष छाती पीटने लगता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेतरहाट में पिछले 50 साल से फील्ड फायरिंग रेंज संचालित किया जा रहा था। स्थानीय आदिवासी आबादी परेशान थी। लोग दुर्घटनाओं का शिकार भी होते थे। जमीन पर भी कब्जा था।

हमारी सरकार ने फील्ड फायरिंग रेंज को बंद करके सरकार को जमीन लौटा दी। हजारीबाग में भी कंपनी लगाने के लिए ली गई जमीन वापस लेकर कृषकों के बीच वितरित किया। मुझपर आरोप लगता है कि मैंने जमीन लूट ली। मैं पूछना चाहता हूं कि जमीनें किसकी है? राज्य की जमीन यहां के आदिवासियों और मूलवासियों की है। क्या मैं बाहरी हूं?

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे ऊपर जमीन घोटाला का आरोप लगाने वाला विपक्ष दरअसल, व्यापारियों की जमात है। उनकी गिद्ध दृष्टि झारखंड की अकूत खनिज संपदा पर है।

सीएम हेमंत ने कहा कि 40 साल के संघर्ष के बाद अलग झारखंड राज्य बना। आदिवासी-मूलवासी के लिए झारखंड बना लेकिन उनके हाथ में सत्ता राज्य गठन के 20 साल बाद आई।

हमारी सरकार आदिवासी युवाओं को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक दृष्टिकोण से मजबूत बनाने की योजना पर काम कर रही है। आदिवासी युवा मजबूत होंगे तो अपने हक की लड़ाई लड़ सकेंगे।

उन्होंने कहा कि विपक्ष यहां के गरीबों को उनकी दशा पर ही रहने देना चाहता है। वे नौजवानों को मजबूत नहीं बनाना चाहते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के तुरंत बाद कोरोना महामारी आ गई। 2 साल तक सरकार अपने कार्यक्रमों और योजनाओं को धरातल पर उतार नहीं पाई। जब कोरोना का प्रकोप थमा तो हमने सोचा कि राज्य के अंतिम नागरिक तक कैसे पहुंचा जाए।

इसी सोच के साथ आपकी योजना, आपके अधिकार, सरकार आपके द्वार कार्यक्रम लाई। हमें 2021 में पहले चरण में 32 लाख आवेदन मिले वहीं 2022 में दूसरे चरण में 55 लाख। ज्यादातर आवेदन पेंशन, राशन और आवास के लिए आया था।

हमने, शिकायतों की समीक्षा की। इसके बाद सर्वजन पेंशन योजना, अबुआ आवास योजना और 20 लाख हरा राशन कार्ड बनाने की योजना पर काम हुआ।

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