Chhath Devotion:
रांची। रांची समेत पूरे झारखंड में छठ महापर्व का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न जलाशयों, जैसे कांके डैम, लाइन टैंक तालाब और हरमू नदी में उमड़े और डूबते तथा उगते सूर्य को उषा अर्घ्य अर्पित किया। मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत पूरा हुआ।
सभी डैम और जलाशयों का वातावरण विशेष रूप से दिव्य था, जहां हज़ारों श्रद्धालु – बच्चे, महिलाएं और पुरुष – कमर तक पानी में खड़े होकर पारंपरिक छठ गीत गा रहे थे और भगवान सूर्य को फल, गन्ना और ठेकुआ चढ़ा रहे थे।
मंगलवार की सुबह शांत जल पर उगते सूरज की पहली किरणों की चमक के बीच अर्ध्य देते छठ वत्रियों की आस्था देखते ही बन रही थी।
घाटों पर सुरक्षा के इंतजामः
सभी बड़े घाटों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे और भारी भीड़ को संभालने के लिए रांची पुलिस, एनडीआरएफ और स्थानीय स्वयंसेवकों को तैनात किया गया था। अनुष्ठान के दौरान सुरक्षा बनाए रखने के लिए चिकित्सा और आपातकालीन कर्मी भी तैनात थे।
सीएम हेमंत ने व्रतियों का किया अभिनंदनः
मुख्यमंत्री सहित कई स्थानीय नेताओं ने कांके डैम के निकट श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया और प्रकृति एवं सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता, पवित्रता और आत्म-अनुशासन के इस पर्व का संदेश दिया।
इस वर्ष रांची में छठ पूजा भी बिना किसी घटना के संपन्न हुई और श्रद्धालु घाटों पर साफ-सुथरी और सुव्यवस्थित व्यवस्था से खुश और संतुष्ट नजर आये।
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