दिल्ली में फंसी झारखंड की 8 नाबालिग आदिवासी लड़कियां [8 minor tribal girls from Jharkhand stranded in Delhi]

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घर वापसी के लिए परिजनों ने लगाई गुहार

पाकुड़,एजेंसियां: पाकुड़ के अमड़ापाड़ा इलाके से 8 नाबालिग आदिवासी लड़कियों को दिल्ली में बेचने का मामला प्रकाश में आया है। लड़कियों के परिजनों ने थाने में आवेदन देकर बच्चियों की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है।

28 सितंबर को हिरणपुर के दलाल कनन अंसारी सभी को काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले गया था। इसके बाद सभी को साहूकारों को बेच दिया।

काम नहीं करने पर मारा जाता हैः

मामला तब सामने आया जब एक नाबालिग आदिवासी लड़की दिल्ली से भागकर अपने घर पहुंच गई। लड़की ने बताया कि हिरणपुर के दलाल ने उन्हें और अन्य लड़कियों को काम के बहाने दिल्ली ले जाकर साहूकारों के हाथ बेच दिया।

लड़कियों अलग-अलग स्थानों पर रखकर काम करवाया जा रहा है और काम नहीं करने पर उन्हें मारा जाता है और गर्म छलनी से शरीर पर दागा जाता है।

आगे लड़की ने बताया कि वह किसी तरह से भागने में सफल हुई और 3 दिनों तक भटकते हुए दिल्ली में एक व्यक्ति से मिली, जिसने उसे अपने घर तक पहुंचाया। इसके बदले में परिजन से 10 हजार रुपये भी लिए गए।

दलाल की तलाश में जुटी पुलिसः

वहीं बाकी लड़कियों के परिजनों ने थाने में लिखित आवेदन देकर उनकी सलामत घर वापसी के लिए गुहार लगाई है। महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामले में जांच की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस लड़कियों की सकुशल वापसी के लिए पहल कर रही है और दलाल की तलाश में जुट गई है।

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