Namkum Police Station suicide case:
रांची। रांची के नामकुम थाना में एक हत्यारोपी ने आत्महत्या कर ली है। वह एक मासूम की गला दबाकर हत्या करने का आरोपी था। आरोपी जगाई मुंडा को पुलिस ने हिरासत में लिया खथा। उसने थाने के हाजत में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इस घटना के बाद महकमे में हड़कंप मच गयाएसएसपी ने लिया एक्शन
कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एसएसपी राकेश रंजन ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
क्या है मामला
घटना नामकुम थाना कांड संख्या-50/26 है। वादिनी अंजु देवी (32 वर्ष) ने आरोप लगाया था कि खूंटी निवासी जगाई मुंडा ने उनके 12 वर्षीय पुत्र रमेश हजाम का अपहरण कर लिया है। अनुसंधान के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अंजु देवी और अभियुक्त जगाई मुंडा के बीच पिछले 5-6 वर्षों से प्रेम प्रसंग था। हाल ही में अभियुक्त की पत्नी को इस संबंध की जानकारी हो गई थी, जिसके बाद अंजु ने उससे दूरी बना ली थी। इसी रंजिश में जगाई मुंडा ने अंजु को धमकी दी थी और दो मार्च उसके बेटे का स्कूल से अपहरण कर लिया।
जंगल में हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश
पुलिस पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि वह बच्चे को मोटरसाइकिल पर बैठाकर रामगढ़ के मुइयाडीह जंगल ले गया। वहां उसने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और पहचान छिपाने की नियत से पत्थर से उसका चेहरा कुचल दिया। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर जंगल से मृतक रमेश हजाम का शव बरामद किया।
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को नामकुम थाना लाया गया था
गिरफ्तारी के बाद अभियुक्त को नामकुम थाना लाया गया था। उसकी सुरक्षा के लिए हाजत के बाहर ओडी पदाधिकारी प्रभुवन कुमार समेत पांच कर्मियों को तैनात किया गया था, लेकिन देर रात अभियुक्त ने कंबल की धारी वाले कपड़े का फंदा बनाया और हाजत के लोहे के गेट से लटककर आत्महत्या कर ली।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एएसआई प्रभुवन कुमार, हवलदार सुधीर शर्मा, ग़यानंद, सिपाही मुकेश ठाकुर, राहुल प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही, चौकीदार रेहान अंसारी और महानंद टोप्पो पर अनुशासनिक कार्रवाई के लिए डीसी रांची से अनुरोध किया है। इसके अलावा नामकुम थाना प्रभारी के निलंबन के लिए आगे की कार्रवाई की गई है।








