Latehar elephant attack: जंगली हाथी के हमले से लातेहार में ग्रामीण की मौत, गांव में दहशत

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Latehar elephant attack:

रांची। झारखंड के लातेहार जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार देर रात चंदवा थाना क्षेत्र के माल्हन भंडार टोली गांव में एक जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान टिभरू गंझू के रूप में हुई है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया है।

जानकारी के अनुसार

जानकारी के अनुसार टिभरू गंझू रात में अपने घर में सो रहे थे। देर रात वह शौच के लिए घर से बाहर निकले। बताया जा रहा है कि घर के बाहर एक पेड़ के पास पहले से ही जंगली हाथी खड़ा था। जैसे ही टिभरू गंझू बाहर आए, हाथी ने अचानक उन पर हमला कर दिया।टिभरू गंझू ने शोर मचाते हुए वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन हाथी ने उन्हें पकड़ लिया और कुचल दिया। घटना के दौरान उनकी पत्नी भी वहां मौजूद थीं, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहीं। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी भय का माहौल बन गया है और लोग रात के समय घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं।

घटना के बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेंजर नंद कुमार महतो के नेतृत्व में अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता के रूप में 40 हजार रुपये दिए गए।अधिकारियों ने बताया कि सरकारी प्रावधान के अनुसार मृतक के परिवार को कुल 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल 40 हजार रुपये तत्काल राहत के तौर पर दिए गए हैं, जबकि बाकी 3 लाख 60 हजार रुपये आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान किए जाएंगे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया।

महुआ की शराब से हाथियों के आने की आशंका

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास महुआ की शराब न बनाएं और न ही घर में रखें। अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को महुआ और उसकी शराब की गंध दूर से ही मिल जाती है, जिससे वे गांवों की ओर आकर्षित हो जाते हैं।माल्हन क्षेत्र घने जंगलों से घिरा हुआ है और पिछले कई वर्षों से यहां हाथियों का झुंड देखा जाता रहा है। हाल ही में इसी इलाके में एक हाथी का बच्चा मालगाड़ी की चपेट में आने से मर गया था, जिसके कारण कुछ समय तक रेल परिचालन भी प्रभावित हुआ था। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में चिंता और भय बढ़ता जा रहा है।

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