सिमडेगा: भाजपा नेता रामेश्वर सिंह की मौत पर जलडेगा में उबाल, लोगों ने किया बंद का ऐलान

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Rameshwar Singh death

सिमडेगा। सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता रामेश्वर सिंह की असामयिक मौत के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा गया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोगों ने गुरुवार को जलडेगा बंद का आह्वान किया। सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही लगभग ठप हो गई।

सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, लगाया जाम

सुबह होते ही जलडेगा की मुख्य सड़कों पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़क जाम कर दिया और वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस दौरान लोग “दोषियों को सजा दो” और “स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारो” जैसे नारे लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते रहे। बंद का असर इतना व्यापक रहा कि लंबी दूरी की बसों और मालवाहक वाहनों को भी रोक दिया गया।

रांची जा रही बस भी रोकी गई

प्रदर्शन के दौरान गांगुटोली से रांची की ओर जा रही यादगार बस को भी रास्ते में रोक दिया गया। बस में बैठे यात्रियों को काफी देर तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा। सिर्फ बसें ही नहीं, बल्कि निजी वाहन चालकों को भी आगे बढ़ने नहीं दिया गया। कई बाइक और कार सवारों को रास्ते से वापस लौटना पड़ा, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

मृतक के परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि रामेश्वर सिंह को समय पर उचित इलाज नहीं मिल पाया। उनका कहना है कि अस्पताल में आपातकालीन सुविधाओं की कमी थी और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने भी गंभीरता नहीं दिखाई। परिजनों का दावा है कि यदि समय रहते सही इलाज मिल जाता, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी। इसी आरोप को लेकर लोग अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात

घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। जलडेगा के प्रमुख चौक-चौराहों पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम हटाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि आंदोलनकारी फिलहाल अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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