Liquor sale during Holi
रांची। झारखंड में होली पर खूब जाम छलके हैं। होली में हुई शराब की बिक्री राज्य की शराब दुकानों का भविष्य तय करेगी। शराब दुकानों के संचालन और आगामी वित्तीय वर्ष (2026-27) के लिए उनके नवीनीकरण को लेकर तस्वीर अब होली के दौरान हुई बिक्री पर टिकी है। राज्य के शराब कारोबारी इस दुविधा में हैं कि वे अगले साल दुकान चलाएंगे या नहीं।
इसका फैसला होली के दौरान होने वाली कुल बिक्री और मुनाफे की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के निर्देशानुसार, जिन 1302 दुकानदारों ने लाइसेंस शुल्क जमा किया है, उन्हें आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 12.5 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा करनी है। इसकी अंतिम तिथि 7 मार्च निर्धारित की गई है।
जो दुकानदार इस तिथि तक मार्जिन मनी जमा नहीं करेंगे, उनकी दुकान एक अप्रैल से स्वतः सरेंडर’ मानी जाएगी। विभाग का मानना है कि मार्जिन मनी जमा न करना इस बात का संकेत होगा कि दुकानदार अब आगे दुकान चलाने का इच्छुक नहीं है।
41 दुकानें पहले ही हो चुकी हैं बाहर
राज्य में कुल 1343 स्वीकृत दुकानें (159 देसी और 1184 कंपोजिट) हैं। नवीनीकरण प्रक्रिया के दौरान केवल 1302 दुकानों के लिए ही लाइसेंस शुल्क जमा हुआ है। इसका अर्थ है कि 41 दुकानों में किसी ने रुचि नहीं दिखाई और वे एक अप्रैल से आधिकारिक रूप से सरेंडर मानी जाएंगी। यदि सात मार्च के बाद बड़ी संख्या में दुकानें सरेंडर होती हैं, तो उत्पाद विभाग वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरेंडर हुई दुकानों का नया विज्ञापन जारी किया जाएगा।
खाली दुकानों का नये सिरे से होगा आवंटन
खाली दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से नए सिरे से होगा। यदि लॉटरी के बाद भी कोई दुकानदार आगे नहीं आता है, तो उन दुकानों का संचालन विभाग स्वयं (सरकारी स्तर पर) करेगा।






