S. Jaishankar:
नई दिल्ली एजेंसियां। अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ वॉर के चलते बढ़ते तनाव के बीच भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के तीखे बयान ने वाशिंगटन की सियासत में हलचल मचा दी है। अमेरिका के प्रमुख टीवी चैनलों पर उनके बयान की व्यापक चर्चा हो रही है, जिससे अमेरिकी प्रशासन भी अब अपने रुख में नरमी लाता दिख रहा है।
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाली वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी, जो 27 अगस्त से लागू हो गया। इसका कारण यह बताया गया कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर उसे रिफाइन कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मुनाफे में बेच रहा है, जिससे रूस की आर्थिक ताकत बढ़ रही है और यूक्रेन युद्ध को रोकने के प्रयास कमजोर हो रहे हैं।
जयशंकर ने किया पलटवार:
इस पर जयशंकर ने पलटवार करते हुए कहा कि “अगर अमेरिका को समस्या है तो वह भारत से परिष्कृत तेल खरीदना बंद कर दे।” इस बयान पर फॉक्स न्यूज चैनल ने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से तीखा सवाल पूछा, जिस पर उन्होंने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और अमेरिका सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था। अंततः हम एक साथ आ ही जाएंगे।” यह बयान भारत के कड़े रुख के असर को दर्शाता है।
सूत्रों के मुताबिक:
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया और किसानों, लघुउद्योगों और पशुपालकों के हितों से समझौता न करने का स्पष्ट संदेश दिया। भारत अब अमेरिकी बाजार के विकल्पों की तलाश में जुट गया है, जिससे ट्रंप सरकार की रणनीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। जयशंकर के साहसी बयान ने एक बार फिर भारत की विदेश नीति में आत्मविश्वास और दृढ़ता को उजागर किया है।
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