चेन्नई, एजेंसियां। चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी महेंद्र सिंह धोनी के बल्लेबाजी क्रम में ऊपर न आने को लेकर आईपीएल 2025 में चर्चा जोरों पर है। हाल के मैचों में उनके निचले क्रम पर बल्लेबाजी करने और टीम की हार के बाद प्रशंसकों व विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, चेन्नई के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने इस मामले पर सफाई दी और कहा धोनी की शारीरिक स्थिति पहले जैसी नही है।
फ्लेमिंग का खुलासा: घुटने की समस्या और शारीरिक सीमाएं
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्टीफन फ्लेमिंग ने धोनी की स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह कोई मनमाना फैसला नहीं है, बल्कि उनकी शारीरिक मजबूरी का नतीजा है। उन्होंने बताया कि 43 वर्षीय धोनी के घुटनों में चोट और कमजोरी है, जिसके कारण वे लंबे समय तक बल्लेबाजी नहीं कर सकते। फ्लेमिंग ने कहा कि उनका शरीर और घुटने पहले जैसे नहीं हैं। वह मूवमेंट कर पा रहे हैं, लेकिन पूरी ताकत के साथ 10 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं कर सकते।
फ्लेमिंग ने यह भी उल्लेख किया कि धोनी की गतिशीलता और सहनशक्ति में कमी का एक कारण पोषण संबंधी पहलू भी है। उम्र के साथ उनकी ऊर्जा और रिकवरी पहले जैसी नहीं रही।वहीं धोनी खुद हर मैच में स्थिति का विश्लेषण करते हैं। वे देखते हैं कि टीम को सबसे ज्यादा फायदा कहां से मिल सकता है। अगर खेल संतुलन में है, तो वे थोड़ा पहले बल्लेबाजी के लिए आते हैं, लेकिन शुरुआती ओवरों में नहीं, क्योंकि इससे उनकी शारीरिक स्थिति पर असर पड़ता है।
धोनी की भूमिका और टीम में योगदान
फ्लेमिंग ने धोनी की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि उनकी बल्लेबाजी क्रम में जगह भले ही नीचे हो, लेकिन उनकी समग्र भूमिका अब भी अनमोल है। धोनी पिछले कुछ सीजनों से डेथ ओवर्स में छोटी, तेज पारियां खेलते रहे हैं। उनकी हिटिंग क्षमता और अनुभव अंतिम ओवरों में टीम के लिए उपयोगी है। उदाहरण के लिए, आरसीबी के खिलाफ 30 रन की पारी इसका प्रमाण है।
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