Nana Patekar:
मुंबई, एजेंसियां। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर ने हाल ही में अपनी निजी ज़िंदगी से जुड़ी एक बेहद भावुक और अनकही कहानी साझा की है। नाना ने बताया कि उनका पहला बेटा कई शारीरिक कमियों के साथ पैदा हुआ था — उसका तालू कटा हुआ था और वह आंखों से देख भी नहीं सकता था। बेटे की हालत को देखकर नाना खुद को “घिनौना इंसान” मानने लगे थे। उन्होंने कहा, “मुझे खुद से नफरत होने लगी थी, मैं सोचता था कि मेरा बेटा ऐसा क्यों है… शायद मैं ही बुरा इंसान हूं।”
बेटे की मृत्यु
नाना ने बेटे का नाम ‘दुर्वासा’ रखा था एक क्रोधी ऋषि के नाम पर। उन्होंने बताया कि बेटे की महज दो साल की उम्र में मृत्यु हो गई। लेकिन इसके बावजूद वे कभी नहीं रोए। “मैं सिर्फ फिल्मों में रोता हूं और वह भी पैसे के लिए,” नाना ने यह भी जोड़ा।उन्होंने बताया कि उस दौर में वे दिन में करीब 60 सिगरेट पीते थे। “मैं नहाते समय भी स्मोक करता था… मेरी कार में बदबू इतनी होती थी कि कोई बैठता नहीं था।”
“मां खूब पीटती थीं
नाना ने अपनी मां के व्यवहार पर भी बात की और कहा कि उन्हें गुस्से वाली आदत विरासत में मिली थी। “मां खूब पीटती थीं, लेकिन कभी पछतावा नहीं हुआ उन्हें।”नाना पाटेकर की यह भावुक कहानी उनके जीवन के उस पहलू को सामने लाती है, जिसे शायद ही कोई जानता हो। अभिनेता इन दिनों फिल्म हाउसफुल 5 में नजर आ रहे हैं, लेकिन उनका दिल अब भी पुराने जख्मों के साथ धड़कता है।
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