नई दिल्ली, एजेंसियां: पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट को देश में आर्थिक अराजकता फैलाने की कोशिश बताते हुए कहा, ‘कांग्रेस और साथियों की ‘टूलकिट’ देश की इकोनॉमी को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।
मनगढंत रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस, स्टॉक मार्केट की निष्ठा एवं शुचिता पर सवाल उठाकर कांग्रेस देश में आर्थिक अराजकता फैलाना चाहती है।’
निवेशकों ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट और टूलकिट को किया खारिज
छोटे निवेशकों ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट और टूलकिट को खारिज कर दिया है। कांग्रेस नहीं चाहती कि छोटे निवेशकों को बाजार से मुनाफा मिले। गर्व है कि आज बाजार स्थिर है, छोटे निवेशकों को सैल्यूट है।
इसके साथ ही रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा कि SEBI के नोटिस का जवाब देने के बजाए हिंडनबर्ग ने रेगुलेटर पर आधारहीन आरोप लगाए। जानबूझकर रिपोर्ट शनिवार को आई, ताकि रविवार के रिएक्शन पर सोमवार को बाजार गिरे।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हमें लग रहा था कि सत्ता से लगातार तीसरी बार दूर रहने के बाद ये लोग (कांग्रेस) अब टूलकिट का इस्तेमाल नहीं करेंगे लेकिन ये रुके नहीं हैं।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई शनिवार को रविवार को इन्होंने हंगामा और होहल्ला मचाया ताकि सोमवार को शेयर बाजार धाराशायी हो जाए।’
हिंडनबर्ग में लगा है जॉर्ज सोरोस का पैसा
रविशंकर प्रसाद ने कहा ‘जुलाई महाने में हिंडनबर्ग को सेबी का नोटिस मिला। इस नोटिस का जवाब देने के बदले इसने आधारहीन आरोप लगाए हैं। इन आरोपों का सेबी और सेबी के चेयरमैन ने जवाब दिया है।’
प्रसाद ने आरोप लगाते हुए कहा कि अरबपति एवं समाजसेवी जॉर्ज सोरोस का पैसा हिंडनबर्ग में लगा है। सेबी पर ये आरोप एक बड़ी साजिश का हिस्सा हैं।
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