Panem coal mines:
रांची। झारखंड हाईकोर्ट ने पैनम कोल माइंस से 118 करोड़ रुपये की वसूली के लिए कुर्की जब्ती वारंट जारी करने में हुई देरी को लेकर राज्य सरकार के शपथ पत्र को गलत और झूठा करार दिया है। राज्य सरकार ने इस देरी को सर्टिफिकेट अफसर के पद खाली होने का कारण बताया था, लेकिन कोर्ट ने पाया कि दोनों अवसरों पर जारी किए गए सर्टिफिकेट ऑफिसर के हस्ताक्षर एक जैसे थे, जिससे सरकार की ओर से दी गई जानकारी को झूठा माना गया।
Panem coal mines: क्या था मामला?
यह मामला 2015 में पैनम कोल माइंस के खिलाफ 600 करोड़ रुपये की वसूली को लेकर दायर जनहित याचिका से जुड़ा है। बाद में राज्य सरकार ने कोर्ट को जानकारी दी कि पैनम से केवल 118 करोड़ रुपये की वसूली की जानी है। हालांकि, मामले का निपटारा अब तक नहीं हो पाया है।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से यह पूछा गया कि सर्टिफिकेट केस में सुस्ती बरतने का कारण क्या था, और कोर्ट ने सर्टिफिकेट ऑफिसर द्वारा पारित आदेशों की प्रतियां भी मांगी थीं। मार्च 2025 में राज्य सरकार ने पूरक शपथ पत्र दायर किया, जिसमें सर्टिफिकेट ऑफिसर के आदेशों की प्रतियां भी प्रस्तुत की गईं।
Panem coal mines:हाईकोर्ट ने पाया गड़बड़ी
सर्टिफिकेट ऑफिसर द्वारा 1 जून 2023 को पैनम कोल माइंस के खिलाफ कुर्की जब्ती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया था, लेकिन इसे 10 फरवरी 2025 को लागू किया गया। राज्य सरकार ने देरी का कारण अफसर के पद की रिक्तता को बताया। लेकिन हाईकोर्ट ने दस्तावेज की समीक्षा करने के बाद पाया कि दोनों अवसरों पर हस्ताक्षर एक ही अधिकारी के थे, जो इस बयान को झूठा साबित करता है।
इस मामले में अब सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए हाईकोर्ट में जवाब देना होगा। कोर्ट ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से शपथ पत्र दायर करने को कहा है।
Panem coal mines :पैनम कोल माइंस के खिलाफ कुर्की वारंट:
सर्टिफिकेट केस के तहत पैनम कोल माइंस के खिलाफ जारी कुर्की जब्ती वारंटों की सूची निम्नलिखित है:
02/10-11: ₹6.49 करोड़
01/10-11: ₹23.18 करोड़
32/11-12: ₹9.96 करोड़
06/14-15: ₹14.66 करोड़
04/15-16: ₹38.91 करोड़
01/16-17: ₹24.71 करोड़
अब इस मामले में न्यायालय ने सरकार से सवाल किया है कि ऐसी गड़बड़ियों की वजह से पैनम कोल माइंस से वसूली की प्रक्रिया में देर क्यों हुई। सरकार को जल्द ही इस मामले पर जवाब देना होगा।
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