Baby diet: बेबी डाइट में अंडा कब करें शामिल? डॉक्टरों से जानें सही समय और तरीका

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Baby diet

नई दिल्ली, एजेंसियां। अंडा बच्चों के लिए संपूर्ण आहार माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके बावजूद कई माता-पिता के मन में यह भ्रम रहता है कि बच्चे को अंडा कब शुरू करना चाहिए और किस रूप में देना सुरक्षित है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही उम्र और सही तरीके से अंडा देने पर यह बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

छह महीने के बाद किया जा सकता है अंडे की शुरुआत

बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चे के छह महीने का होने के बाद उसकी डाइट में अंडा शामिल किया जा सकता है। इस उम्र में बच्चे को मां के दूध के अलावा अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गौतम के मुताबिक, अंडा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन के साथ-साथ आयरन, कैल्शियम और जरूरी विटामिन प्रदान करता है। हालांकि, किसी भी नए फूड की शुरुआत से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

अंडा देर से देने से हो सकती है पोषण की कमी

विशेषज्ञ बताते हैं कि कई माता-पिता अंडा देने में देरी कर देते हैं, जिससे बच्चे में प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। डॉक्टरों के अनुसार,

6 महीने की उम्र से अंडे की जर्दी

8 महीने के बाद अंडे का सफेद भाग
धीरे-धीरे बच्चों को दिया जा सकता है।

जर्दी को लेकर फैली भ्रांति

अक्सर यह माना जाता है कि अंडे की जर्दी बच्चों के लिए नुकसानदायक होती है, जबकि विशेषज्ञ इसे गलत बताते हैं। जर्दी में मौजूद हेल्दी फैट, विटामिन A, D, B12 और कोलीन बच्चे के दिमागी विकास और याददाश्त के लिए बेहद जरूरी होते हैं।

एलर्जी के लक्षणों पर रखें नजर

अंडा देते समय यह जरूरी है कि वह अच्छी तरह पका हो। उबला अंडा सबसे सुरक्षित विकल्प है, हालांकि स्क्रैम्बल्ड या ऑमलेट भी दिया जा सकता है। अंडा खिलाने के बाद यदि बच्चे में रैशेज, उल्टी या सांस लेने में दिक्कत हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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