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नई दिल्ली, एजेंसियां। छोटे बच्चों पर सजावटी और खुशबूदार उत्पादों का इस्तेमाल आजकल आम चलन बन गया है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो यह आदत उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है। परफ्यूम, नेल पॉलिश और हिना टैटू जैसे उत्पादों में मौजूद रसायन नवजात और छोटे बच्चों की नाजुक त्वचा पर नुकसानदेह प्रभाव डाल सकते हैं।
कॉस्मेटिक्स से हो सकता है स्किन रिएक्शन
नवजातों और छोटे बच्चों की त्वचा बड़ों की तुलना में कहीं अधिक पतली और संवेदनशील होती है। ऐसे में नेल पॉलिश, बॉडी स्प्रे, या हिना में मौजूद फॉर्मल्डिहाइड, टोलूइन और फथालेट्स जैसे केमिकल त्वचा के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकते हैं। यह न केवल स्किन रैशेज और एलर्जी पैदा करते हैं बल्कि नर्वस सिस्टम, हार्मोन संतुलन और प्रजनन क्षमता पर भी असर डाल सकते हैं।
ब्लैक हिना टैटू है बेहद खतरनाक
त्योहारों या छुट्टियों के दौरान बच्चों के हाथों पर ब्लैक हिना से टैटू बनवाना ट्रेंड बनता जा रहा है, लेकिन यह हिना कई बार पीपीडी (Paraphenylenediamine) जैसे रसायन से बनी होती है जो सीधे स्किन पर लगाने के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती। इससे त्वचा में जलन, पिगमेंटेशन और स्थायी घाव तक हो सकते हैं।
‘नेचुरल’ टैग पर न करें आंख मूंदकर भरोसा
कई ब्रांड अपने उत्पादों को ‘नेचुरल’ और ‘क्लीन ब्यूटी’ कहकर बेचते हैं, लेकिन रिसर्च के मुताबिक इन उत्पादों में भी 90% तक एलर्जन मौजूद हो सकते हैं। जैसे प्रोपोलिस (बी वैक्स का तत्व) – जो कई बच्चों में गंभीर रैश पैदा कर सकता है।
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