Heart disease and oral health
नई दिल्ली, एजेंसियां। ओरल हाइजीन अक्सर रोजमर्रा की छोटी आदत लगती है, लेकिन इसे नजरअंदाज करना सिर्फ दांतों की समस्या तक ही सीमित नहीं रहता। एनेस्थीसियोलॉजी और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुणाल सूद का कहना है कि रात में ब्रश न करना दिल की सेहत पर भी गंभीर असर डाल सकता है।
कैसे बढ़ता है हार्ट रोग का खतरा?
विशेषज्ञ बताते हैं कि जब हम रात में ब्रश करना छोड़ देते हैं, तो मुंह में बैक्टीरिया और प्लाक जमा होने लगते हैं। ये बैक्टीरिया टॉक्सिन छोड़ते हैं, जो खून के जरिए शरीर में फैल सकते हैं और सूजन पैदा कर सकते हैं। यह लंबी अवधि तक बनी रहने वाली सूजन ब्लड वेसल्स की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे आर्टरीज में प्लाक जमने लगता है और हार्ट संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।
ब्रशिंग और दिल की सेहत
विशेषज्ञ के अनुसार, खराब ओरल हाइजीन सीधे तौर पर हार्ट की बीमारी का कारण नहीं बनती, लेकिन यह कई जोखिम कारकों में से एक है जो हार्ट रोग में योगदान दे सकता है। दिन में कम से कम तीन बार ब्रश करना और नियमित डेंटल क्लीनिंग कराने से हार्ट रोग का खतरा कम हो सकता है। यह मसूड़ों की बीमारी और दांत गिरने जैसी समस्याओं को भी रोकने में मदद करता है।
एक्सपर्ट की सलाह
एक्सपर्ट ने कहा, “ओरल हाइजीन दिल की सेहत को सपोर्ट करने के सबसे आसान तरीकों में से एक है। रात में ब्रश करना छोड़ने से प्लाक और बैक्टीरिया जमा होते हैं, जो खून में पहुंचकर सूजन की प्रतिक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसलिए सही समय पर ब्रश करना बेहद जरूरी है।”विशेषज्ञों का मानना है कि हर खराब ओरल हाइजीन वाला व्यक्ति हार्ट रोग का शिकार नहीं होगा, लेकिन मुंह की सफाई बनाए रखना सूजन को कम करने और दिल की सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है।







