Babulal Marandi statement:
रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि हेमंत सरकार हर साल करोड़ों रुपये अधिकारियों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बंगले व जिम के रखरखाव पर खर्च कर रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों की हालत पर ध्यान नहीं दे रही।
जर्जर भवनों में संचालित कक्षाएं
मरांडी ने दुमका जिले के उदाहरण देते हुए बताया कि वहां दो दर्जन से अधिक सरकारी स्कूल भवन जर्जर घोषित किए जा चुके हैं, बावजूद इसके इन भवनों में कक्षाएं चल रही हैं। उनके अनुसार, इससे बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
सरकारी खर्च और प्राथमिकताएं
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि DMFT फंड का उपयोग अधिकारियों द्वारा अपने आवास, जिम और अन्य भौतिक सुविधाओं के निर्माण में किया जा रहा है। वहीं बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं दिए जा रहे। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि शिक्षा के लिए पर्याप्त बजट नहीं है, तो गैरजरूरी विज्ञापन, होर्डिंग्स और फिजूलखर्ची पर तुरंत रोक लगाई जाए।
मरम्मत और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
मरांडी ने सरकार से जर्जर स्कूल भवनों की शीघ्र मरम्मत कराने और तब तक बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान ने शिक्षा क्षेत्र में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और वित्तीय प्रबंधन पर नया सवाल खड़ा कर दिया है।







