Liver disease causes:
नई दिल्ली, एजेंसियां। हेपेटाइटिस एक गंभीर बीमारी है जो लिवर में सूजन पैदा करती है और समय पर पहचान न होने पर यह लिवर को धीरे–धीरे नुकसान पहुंचाती रहती है। कई बार इसके लक्षण तुरंत दिखाई नहीं देते, जिससे बीमारी बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। सर गंगाराम अस्पताल के इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोलॉजी, लिवर एंड पैनक्रियाटिक बिलरी साइंस के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने हेपेटाइटिस के प्रकार, कारण और बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी है।
हेपेटाइटिस के प्रकार और कारण:
विशेषज्ञ के अनुसार हेपेटाइटिस कई प्रकार का होता है सबसे आम हैं हेपेटाइटिस A, B और C, जबकि हेपेटाइटिस D और E कम पाए जाते हैं।
इसके कारणों में शामिल हैं:
- वायरल संक्रमण
- अत्यधिक शराब सेवन
- नशीली दवाओं या रसायनों के संपर्क में आना
लिवर बीमारियों का इतिहास:
हेपेटाइटिस B संक्रमित लार, वीर्य और असुरक्षित यौन संबंधों के जरिए फैल सकता है।
हेपेटाइटिस C और D संक्रमित खून से फैलते हैं, जबकि हेपेटाइटिस A और E दूषित भोजन या पानी से फैलते हैं।
क्रोनिक हेपेटाइटिस B मां से बच्चे में जन्म के दौरान भी पहुंच सकता है।
हेपेटाइटिस के शुरुआती और गंभीर लक्षण:
चूंकि हेपेटाइटिस चुपचाप बढ़ता है, इसलिए कई मरीजों को देर से पता चलता है। शुरुआती लक्षण हैं:
- थकान और कमजोरी
- दस्त
- बुखार (वायरल होने पर)
- मतली और भूख में कमी
- पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द
गंभीर लक्षणों में शामिल हैं:
- गहरे रंग का पेशाब
- हल्के रंग का मल
- त्वचा में खुजली
- त्वचा व आंखों का पीला पड़ना (पीलिया)
हेपेटाइटिस से बचाव कैसे करें:
डॉक्टरों के अनुसार सही सावधानियां अपनाकर हेपेटाइटिस से बचा जा सकता है:
- हमेशा साफ पानी पिएं
- स्वच्छ और सुरक्षित भोजन करें
- हेपेटाइटिस B का टीका जरूर लगवाएं
- असुरक्षित यौन संबंध से बचें

