Health Tips: पांच दिनों से अधिक रहने वाला बुखार हो सकता है गंभीर बीमारियों का संकेत लक्षण पहचानकर समय पर लें डॉक्टर की सलाह

IDTV Indradhanush
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नई दिल्ली, एजेंसियां। ठंड के मौसम की शुरुआत के साथ बुखार और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ने लगते हैं। आमतौर पर मौसमी वायरल बुखार 3 से 5 दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन अगर बुखार लगातार पांच दिनों से अधिक बना हुआ है, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाला बुखार शरीर में किसी गंभीर संक्रमण या बीमारी का संकेत हो सकता है। ऐसे में लक्षणों को समझकर समय रहते डॉक्टर से परामर्श जरूरी है।

डेंगू: तेज बुखार और आंखों के पीछे दर्द इसका प्रमुख संकेत

डेंगू बुखार आमतौर पर 103°F–104°F के तेज तापमान के साथ शुरू होता है। आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों का तीव्र दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, उल्टी और भूख न लगना इसके सामान्य लक्षण हैं। मसूड़ों या नाक से खून आना गंभीर डेंगू का संकेत है, जिसके लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है।

निमोनिया: सांस फूलना और सीने में दर्द बढ़ाता है खतरा

यदि बुखार पांच दिनों से अधिक है और साथ में खांसी, बलगम, सांस लेने में दिक्कत या ठंड लगने के साथ कंपकंपी हो रही है, तो यह निमोनिया हो सकता है। निमोनिया फेफड़ों का गंभीर संक्रमण है, जिसमें सांस लेते समय सीने में तेज दर्द महसूस होता है। ऐसी स्थिति में देरी करना भारी पड़ सकता है।

चिकनपॉक्स: शरीर पर लाल दाने और खुजली से करें पहचान

चिकनपॉक्स में बुखार के साथ शरीर पर छोटे लाल खुजलीदार दाने दिखने लगते हैं। ये दाने तरल भरे फफोलों में बदलते हैं और बाद में पपड़ी बन जाते हैं। सिरदर्द, शरीर में दर्द और भूख न लगना भी इसके लक्षण हैं। यह अत्यधिक संक्रामक बीमारी है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

टाइफाइड: सीढ़ीनुमा बढ़ने वाला बुखार है मुख्य संकेत

टाइफाइड में बुखार धीरे-धीरे बढ़कर 104°F तक पहुंच जाता है। इसके साथ पेट दर्द, कब्ज या दस्त, थकान, भूख कम लगना और शरीर पर गुलाबी धब्बे नजर आ सकते हैं। यह संक्रमण आंतों को प्रभावित करता है और समय पर उपचार न मिलने पर गंभीर रूप ले सकता है।

वायरल बुखार भी हो सकता है कारण

यदि इन गंभीर बीमारियों के लक्षण नहीं दिख रहे, तो यह साधारण वायरल बुखार भी हो सकता है। लेकिन फिर भी पांच दिनों से अधिक बुखार रहने पर डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है ताकि सही कारण का पता चल सके।

नोट: यह लेख विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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