Breast cancer:
नई दिल्ली, एजेंसियां। अब सिर्फ महिलाएं ही नहीं, पुरुष भी ब्रेस्ट कैंसर के शिकार हो रहे हैं। एम्स भोपाल के कैंसर विभाग द्वारा किए गए अध्ययन में पता चला कि पहले हर 100 महिलाओं में एक पुरुष ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होता था, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 4 पुरुषों तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का मुख्य कारण हार्मोनल असंतुलन, मोटापा, खराब खानपान और स्मोकिंग है।
विशेषज्ञ के अनुसार:
विशेषज्ञ के अनुसार, पुरुषों में ब्रेस्ट टिशू कम होने के कारण गांठ का जल्दी पता नहीं चलता और कैंसर की पहचान में देरी हो जाती है। बढ़ते मोटापे और हार्मोनल बदलाव से पुरुषों में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, जिससे स्तन में गांठ बनना और कैंसर का खतरा बढ़ना संभव है। यह समस्या केवल व्यस्क पुरुषों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों और युवाओं में भी दिखाई दे रही है।
विशेषज्ञ ने बताया:
विशेषज्ञ ने बताया कि खराब लाइफस्टाइल और फास्ट फूड के सेवन से हार्मोनल असंतुलन और मोटापा बढ़ता है। बर्गर, पिज़्ज़ा, चाउमीन और अन्य प्रोसेस्ड फूड में उपयोग होने वाले केमिकल हार्मोन के स्तर को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा, खेती में इस्तेमाल होने वाले केमिकल और मुर्गियों को तेज़ी से बढ़ाने के लिए दिए जाने वाले स्टेरॉयड भी पुरुषों में हार्मोनल असंतुलन और ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ा रहे हैं।
पुरुषों को विशेष रूप से इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए:
छाती के पास नई गांठ
त्वचा में बदलाव
निपल में बदलाव
बगल के पास सूजन

