Alcoholism symptoms
नई दिल्ली, एजेंसियां। शराब का अधिक सेवन शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है, लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर लिवर पर पड़ता है। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक अल्कोहल लेने से लिवर में सूजन, स्कारिंग और सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जो आगे चलकर लिवर फेलियर का कारण बन सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि शरीर अक्सर शुरुआती संकेतों के जरिए चेतावनी देता है, जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक
विशेषज्ञों के मुताबिक अगर शराब पीने के बाद सुबह उठते ही सिर भारी महसूस हो, शरीर में कमजोरी रहे, उल्टी या मतली जैसी समस्या हो और ऊर्जा की कमी महसूस हो, तो यह लिवर के प्रभावित होने का शुरुआती संकेत हो सकता है। यह स्थिति बताती है कि लिवर की कार्यक्षमता धीरे-धीरे प्रभावित हो रही है और समय रहते सावधानी जरूरी है।
दूसरा महत्वपूर्ण संकेत क्या है?
दूसरा महत्वपूर्ण संकेत पेट से जुड़ी समस्याओं का लगातार बढ़ना है। पेट दर्द, गैस, भारीपन, बार-बार उल्टी या डकार आना इस बात का संकेत हो सकता है कि शराब पाचन तंत्र और लिवर दोनों को प्रभावित कर रही है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी माना जाता है।
तीसरा संकेत क्या है?
तीसरा संकेत नींद से जुड़ा है। यदि रात में नींद टूट-टूट कर आए, गहरी नींद न मिले, लगातार थकान महसूस हो या बिना शराब के नींद न आए, तो यह अल्कोहल पर बढ़ती निर्भरता का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए नुकसानदायक है।
डॉक्टरों का क्या है कहना?
डॉक्टरों का कहना है कि लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। यदि समय रहते शराब का सेवन नियंत्रित या बंद नहीं किया गया, तो लिवर को स्थायी नुकसान हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और शराब से दूरी को लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी बताते हैं। यदि ऊपर बताए गए लक्षण लगातार दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर होता है, ताकि गंभीर बीमारी से बचा जा सके।
