Haj Jammu and Kashmir:
श्रीनगर,एजेंसियां। जम्मू-कश्मीर में 2026 के हज आवेदन के आंकड़े निराशाजनक हैं, जो धार्मिक नेताओं और प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। हज यात्रा के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 नजदीक आ रही है, लेकिन अब तक अपेक्षाकृत कम आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। इस मामले पर अधिकारियों का कहना है कि अब तक 7,896 आवेदनों के कोटे में से केवल 2,244 आवेदन ही प्राप्त हुए हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई है।
सांबा और पुलवामा से अधिक आवेदन, अन्य जिलों से बेहद कम रिस्पॉन्स
जिलेवार आंकड़े बताते हैं कि सांबा और पुलवामा जैसे जिलों में आवेदन की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है, जहां 87.61% और 47.60% कोटा भर चुका है। लेकिन, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ जैसे जिलों में स्थिति बहुत ही खराब है, जहां कोटे का केवल 10% से भी कम हिस्सा भरा गया है।
कम आवेदन के कारण और संभावना
हज समिति के अधिकारियों का कहना है कि कई लोग गलत सूचना, तकनीकी कठिनाइयों या आर्थिक वजहों से आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। कुछ लोग हज यात्रा के लिए “अगली बार” का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे निजी ऑपरेटरों के माध्यम से करने का निर्णय लिया है।
हज यात्रा के खर्च और आवेदन प्रक्रिया
हज 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया इस महीने की शुरुआत में शुरू हुई थी, और एक तीर्थयात्रा की अनुमानित लागत 4,10,000 रुपये है, जिसे किश्तों में भी अदा किया जा सकता है। हज समिति ने स्थानीय मस्जिदों और सामुदायिक नेताओं से अपील की है कि वे उन लोगों की मदद करें जो तकनीकी रूप से तैयार नहीं हैं, ताकि वे आवेदन कर सकें। जम्मू-कश्मीर हज समिति ने एक आखिरी अपील जारी की है, जिसमें सभी पात्र मुसलमानों से हज यात्रा के लिए आवेदन करने का आग्रह किया गया है।
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